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अयोध्या की रामलीला: पहले दिन शिव-पार्वती सहित कई प्रसंगों का मंचन, नारद बने असरानी ने छोड़ी गहरी छाप

Sun, 18 Oct 2020 02:35 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 18 Oct 2020 02:35 PM IST
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Pics of ramleela being played on the bank of river sarayu in Ayodhya.
- फोटो : amar ujala

सरयू तट स्थित लक्ष्मण किला परिसर में शनिवार से नौ दिवसीय रामलीला की शुरुआत हो गई। पहले दिन फिल्मी सितारों ने शिव-पार्वती समेत कई अन्य प्रसंगों का मंचन किया। कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और माता पार्वती एक दूसरे से वार्ता कर रहे होते हैं।



कैलाश पर्वत की तरह सजा मंच भव्यता का पर्याय लग रहा था। पार्वती जी शिवजी से कहती हैं आपकी महिमा तीनों लोको में प्रसिद्ध है। यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं और मुझे सच्ची दासी मानते हैं तो हे प्रभु! श्री रघुनाथ जी की नाना प्रकार की कथा कहकर मेरा अज्ञान दूर कीजिए।

Pics of ramleela being played on the bank of river sarayu in Ayodhya.
- फोटो : amar ujala

पार्वती जी के आग्रह पर शिव मुदित होते हैं और कहते हैं तुम्हारे समान उपकारी कोई नहीं है। तुम राम जी का प्रसंग पूछकर सब लोको को पवित्र कर देने वाली गंगा के समान रामकथा का हेतु बनी हो। इस तरह शिव पार्वती संवाद के साथ मंच पर धीरे-धीरे रामकथा की भाव भूमि तैयार होनी शुरू हुई। वे माता पार्वती को रामजन्म का हेतु बताते हुए कहते हैं कि जब जब होई धरम कै हानि। बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी।। तब तब प्रभु धरि विविध शरीरा। हरहिं कृपानिधि सज्जन पीरा...।

Pics of ramleela being played on the bank of river sarayu in Ayodhya.
- फोटो : amar ujala

हे पार्वती जब-जब धर्म की हानि होती है और नीच, अभिमानी असुर बढ़ जाते हैं तब कृपानिधि श्री हरि अनेक प्रकार का शरीर धारण कर भक्तों की पीड़ा हरते हैं। एक अन्य दृश्य में नारद प्रकट होते हैं। नारद की भूमिका में बॉलीवुड के प्रख्यात हास्य कलाकार असरानी दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ते हैं। नारद मनोहारी पर्वतीय क्षेत्र में आनंदित होते हैं और कुछ ही देर में उनकी समाधि लग जाती है।

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Pics of ramleela being played on the bank of river sarayu in Ayodhya.
- फोटो : amar ujala

मंच पर अगला दृश्य इंद्र और कामदेव के संवाद के रूप में प्रस्तुत होता है। इंद्र कामदेव से देवर्षि नारद की समाधि भंग करने का अनुरोध करते हैं। इससे पूर्व गणेश वंदना के साथ नौ दिवसीय वर्चुअल रामलीला की प्रस्तुति का प्रारंभ हुआ। करीब 25 मिनट तक चली गणेश वंदना में संगीत, तकनीक और कलाकारों के कौशल का नजारा दिखा। गणेश वंदना दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाली रही। कथा के दूसरे दिवस श्रवण के माता-पिता द्वारा राजा दशरथ को श्राप देने सहित राम जन्म की कथा का मंचन किया जाएगा।

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Pics of ramleela being played on the bank of river sarayu in Ayodhya.
ramleela - फोटो : amar ujala

राम के चरण रज से बनी राम की मूर्ति का हुआ पूजन
भगवानश्रीराम के चरण रज जहां-जहां पड़े वहीं की मिट्टी से बनी भगवानश्रीराम की मूर्ति का रामलीला मंचन से पूर्व विधि-विधान पूर्वक पूजन अर्चन किया गया। करीब 17 स्थानों से लाई गई मिट्टी से बनी राम की मूर्ति आकर्षण का केंद्र रही। रामलीला समिति के संरक्षक सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बताया कि यह मूर्ति नौ दिनों तक पूजित होगी और प्रत्येक दिन इस मूर्ति के पूजन से प्रस्तुती का शुभारंभ होगा। (रामलीला का एक दृश्य।)

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