सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. एसके जैन और डॉ. एके जैन की क्लीनिक पर सोमवार को सीएमओ की टीम ने ताला जड़ दिया। टीम ने छापा मारा तो दोनों न तो रजिस्ट्रेशन और न ही डॉक्टर की डिग्री दिखा सके। दोनों क्लीनिक करीब दस साल से चल रहे थे। सीएमओ डॉ. अनिल अग्रवाल का कहना है कि डॉक्टरों को नोटिस जारी कर 24 घंटे में डिग्री व रजिस्ट्रेशन का दस्तावेज दिखाने को कहा है।
सेक्सोलॉजिस्ट एसके जैन और एके जैन के पास डॉक्टर की डिग्री ही नहीं, बिना रजिस्ट्रेशन चल रही क्लीनिक
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सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद जागे
दोनों क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग की शह पर सालों से चल रही थीं। अवैध फार्मेसी से लेकर मरीजों का इलाज कर उनकी जिंदगी से खिलवाड़ होने की शिकायतें होती रहीं। सीएम के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद सीएमओ की टीम जागी। इसके बाद आनन-फानन दोनों क्लीनिकों पर छापा मारा गया।
कहां, क्या रहे हालात
डॉ. एसके जैन क्लीनिक : रजिस्ट्रेशन-डिग्री के बारे में पूछा तो बंगले झांकने लगा मैनेजर
सीएमओ की टीम में शामिल अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार रावत, डॉ. संजय कुमार और डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने दोपहर करीब एक बजे बर्लिंग्टन चौराहे पर स्थित डॉ. एसके जैन क्लीनिक पर छापा मारा। वहां मौजूद मरीज और कई कर्मचारी टीम को देखकर खिसक लिए। क्लीनिक के पंजीकरण के बारे में मैनेजर गोपाल से जानकारी मांगी गई तो वह बंगले झांकने लगे। डॉक्टर की डिग्री के बारे में पूछा तो वह भी नहीं दिखा पाए। इस पर टीम ने यहां ताला जड़ दिया।
डॉ. एके जैन क्लीनिक : बिना पंजीकरण के ही चल रहा था
चारबाग स्थित डॉ. एके जैन क्लीनिक पर गार्ड से काफी बहस के बाद टीम अंदर जा सकी। वहां 12 मरीज मिले, जिन्हें कर्मचारियों ने वापस कर दिया। क्लीनिक में एके जैन के बेटे संकल्प ने इलाज करने का दावा किया। एसीएमओ सुनील कुमार रावत ने डॉक्टर की डिग्री व क्लीनिक का पंजीकरण मांगा। सीएमओ डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि डॉ. एके जैन क्लीनिक का पंजीकरण 30 अप्रैल 2017 तक वैध था। इसके बाद क्लीनिक का पंजीकरण नहीं कराया गया। डॉ. संकल्प जैन ने जो डिग्री दिखाई वह एमबीबीएस की थी। इस पर टीम ने डॉक्टर एके जैन के खिलाफ नोटिस जारी कर क्लीनिक पर ताला जड़ दिया।
दुस्साहस : टीम से की बदसुलूकी
सीएमओ की टीम बर्लिंग्टन चौराहा स्थित एसके जैन क्लीनिक पर दोबारा तीन बजे पहुंची। अधिकारी करीब दस मिनट बाहर खड़े रहे, लेकिन डॉ. एसके जैन कमरे से बाहर नहीं आए। उन्होंने अधिकारियों को कमरे में आने को कहा। अफसर मीडियाकर्मियों के साथ अंदर गए। वहां टीम और मीडिया के साथ डॉ. जैन और उनके कर्मचारियों ने धक्का-मुक्की की। इस पर एसीएमओ डॉ. संजय कुमार ने डॉ. जैन को जमकर फटकार लगाई। (क्लीनिक पर जड़ दिया ताला)
डॉ. एसके जैन क्लीनिक पर 25 जनवरी को एफएसडीए की टीम ने दवाओं के नमूने लिए थे। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि नमूने जांच को भेज दिए गए थे। इस तरह की जांच रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लग जाता है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
मामले पर सीएमओ डॉ. अनिल अग्रवाल का कहना है कि दोनों क्लीनिक के डॉक्टर अपनी डिग्री व पंजीकरण नहीं दिखा पाए। ऐसे में दोनों जगह ताला जड़ दिया गया। अभी तक दोनों क्लीनिक के बारे में कोई शिकायत नहीं मिली थी, लिहाजा कार्रवाई नहीं की। दिए गए वक्त में दस्तावेज नहीं दिखा पाए तो डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होगी।