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घरों में भरा पानी, मचान पर जिंदगानी, बाढ़ से अवध के जिलों में बिगड़ रहे हालात, देखें तस्वीरें
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 14 Jul 2020 12:02 AM IST
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बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
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अवध के बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, अयोध्या, अंबेडकरनगर और सीतापुर में बाढ़ और विकराल होती जा रही है। उफनाती सरयू और राप्ती नदी डरा रही हैं। जगह-जगह भरे बाढ़ के पानी से संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। बहराइच-महसी घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन बाढ़ की समस्या से लोगों को अभी तक निजात नहीं मिली है।
बाढ़ आने के बाद पलायन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र के 24 गांवों में पानी भरा है। घरों में पानी भरने से लोग मचान बनाकर उस पर रहने को मजबूर हैं। पेयजल की समस्या भी है। सोमवार को एसडीएम ने पीड़ितों को तिरपाल व खाद्यान्न वितरित किया। वहीं बाराबंकी-कोटवाधाम और गनेशपुर में सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से 61 सेमी ऊपर पहुंच भले ही स्थिर हो गया है लेकिन बाढ़ पीड़ितों के सामने उपजा संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
बाढ़ आने के बाद पलायन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण अभी भी घरों की छतों या फिर ऊंचे स्थानों पर रह रहने को विवश हैं। जिन गांवों में पानी भरा है वहां के लोग नावों से सुरक्षित स्थान जा रहे हैं। गोंडा-उमरीबेगमगंज में सरयू में आए उफान के कारण उमरी क्षेत्र में कई मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इस बीच इनके आवागमन के लिए प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है।
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बाढ़ आने के बाद पलायन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
सीतापुर-रेउसा और रामपुर मथुरा में सोमवार को सरयू का जलस्तर स्थिर रहा, पर पानी के तेज बहाव से तीन सीमेंटेड स्टड व कई जियो बैग सरयू में समा गए। इससे तलहटी के पांच और गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार को कटान से 50 बीघा खेत सरयू में समा गए।
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बाढ़ आने के बाद पलायन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
श्रावस्ती-तराई में तीन दिनों से बारिश थमी हुई है। इसके चलते राप्ती नदी का जलस्तर घटा है। हालांकि नदी की लहरें तेजी से कटान कर रही हैं। कटान के कारण सोमवार को करीब 46 बीघा कृषि भूमि व उसमें लगी फसल नदी की धारा में विलीन हो गई।