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MP Rain Update: मध्यप्रदेश में बारिश से भारी तबाही, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को बचाया गया
Tue, 23 Aug 2022 07:14 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 23 Aug 2022 07:14 PM IST
सार
MP Rain Update: मध्यप्रदेश में बारिश से भारी तबाही, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को बचाया गया
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मड़ीखेड़ा डैम
- फोटो : अमर उजाला
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मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के चलते नदी नाले उफान पर हैं। बांध लबालब भर चुके हैं। बांधों की स्थित नियंत्रण में रखने के लिए लगातार बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।
उफान पर शिवना नदी
- फोटो : अमर उजाला
आगर-मालवा जिले में लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते कुछ सड़के एवं मार्ग जलभराव के कारण बंद हो गये हैं। कालीसिंध एवं कैथल नदी का जलस्तर बढ़ गया है। तहसील सोयत में जलभराव के कारण लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। रतलाम में भारी बारिश के कारण जावरा के नया मालीपुर जमातखाना में फंसे लोगों को बचाने का काम जारी है।
शाजापुर के सुनेरा के बमोरी ग्राम में तालाब डैम से पानी रिसाव होने पर गांवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। डेम की मरम्मत की गई है, जिससे पानी का रिसाव कम हो गया है। शुजालपुर में भी लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है।
शाजापुर के सुनेरा के बमोरी ग्राम में तालाब डैम से पानी रिसाव होने पर गांवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। डेम की मरम्मत की गई है, जिससे पानी का रिसाव कम हो गया है। शुजालपुर में भी लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है।
गांधी सागर डैम के 18 गेट खोले गए
- फोटो : अमर उजाला
मंदसौर जिले में लगातार बारिश जारी है। निचले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। नीमच जिले में लगातार बारिश के कारण पुलों एवं रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है। जिले में टीमें अलर्ट मोड पर हैं। गुना जिले में पार्वती नदी उफान पर है। चाचौड़ा तहसील के दो गांव, कुम्भराज तहसील का एक गांव एवं राधोगढ़ तहसील के एक गांव में लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली थी, फिलहाल SDERF और NDRF की टीमों द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है। गांधी सागर बांध के सभी 18 गेट खोले गए हैं। वर्तमान जलस्तर 1308.32 फीट है। पानी की आवक 921922 क्यूसेक है जबकि निकासी 421619 क्यूसेक की जा रही है।
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भारी बारिश से लबालब भरे बांध
- फोटो : अमर उजाला
देवास जिले के नेमावर में नर्मदा नदी का जलस्तर 891 फीट हो गया है। नर्मदा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। यहां 14 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सीहोर जिले के बुधनी एवं नसरुल्लागंज में नर्मदा नदी का जलस्तर कम हो रहा है। सुबह 5 बजे कोलार डेम के गेट बंद कर दिए गए हैं। कोलार नदी का जलस्तर भी कम होना शुरू हो गया है। इंदौर, डिंडौरी, सिंगरौली, हरदा एवं उज्जैन में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। सिवनी, नर्मदापुरम, बालाघाट, सागर, छिंदवाड़ा, श्योपुर, सीधी, सतना, अनूपपुर एवं धार में स्थिति सामान्य है।
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नर्मदापुरम में उफान पर नर्मदा नदी
- फोटो : अमर उजाला
बांधों एवं नदियों की वर्तमान स्थित
भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। गुना जिले में पार्वती नदी अपने अधिकतम जलस्तर पर बह रही है। अमरकंटक से निकलने वाली नर्मदा नदी अधिकतम जलस्तर से लगभग 2.88 मीटर नीचे बह रही है। नर्मदा नदी का जलस्तर 271.56 मीटर है। पानी की भारी आवक के चलते बरगी बांध के 13 गेट खोले गए हैं।
वहीं, पन्ना जिले की कैन नदी अपने अधिकतम जल स्तर के करीब है। सतना जिले में तमस नदी अधिकतम जलस्तर से 2.5 मीटर नीचे बह रही है। राजघाट, गांधी सागर, बरगी, तवा, हंडिया, मोहनपुरा, बारना, कोलार, ओंकारेश्वर, कलियासोत, भदभदा समेत अन्य बांधों में जलस्तर काफी बढ़ा गया है। टीकमगढ़ में बानसुजारा बांध के 11 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं, बारना बांध के 4 गेट खुले हैं। इंदिरा सागर बांध के 12, गांधी सागर बांध के 18, कुंडालिया बांध के 10, कलियासोत के 12, केरवा के 8, मणिखेड़ा 8, मोहनपुरा के 14, राजघाट के 16, ओंकारेश्वर के 18, संजय सागर के 2 एवं कुशलपुरा बांध के 7 गेट खोले गए हैं।
भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। गुना जिले में पार्वती नदी अपने अधिकतम जलस्तर पर बह रही है। अमरकंटक से निकलने वाली नर्मदा नदी अधिकतम जलस्तर से लगभग 2.88 मीटर नीचे बह रही है। नर्मदा नदी का जलस्तर 271.56 मीटर है। पानी की भारी आवक के चलते बरगी बांध के 13 गेट खोले गए हैं।
वहीं, पन्ना जिले की कैन नदी अपने अधिकतम जल स्तर के करीब है। सतना जिले में तमस नदी अधिकतम जलस्तर से 2.5 मीटर नीचे बह रही है। राजघाट, गांधी सागर, बरगी, तवा, हंडिया, मोहनपुरा, बारना, कोलार, ओंकारेश्वर, कलियासोत, भदभदा समेत अन्य बांधों में जलस्तर काफी बढ़ा गया है। टीकमगढ़ में बानसुजारा बांध के 11 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं, बारना बांध के 4 गेट खुले हैं। इंदिरा सागर बांध के 12, गांधी सागर बांध के 18, कुंडालिया बांध के 10, कलियासोत के 12, केरवा के 8, मणिखेड़ा 8, मोहनपुरा के 14, राजघाट के 16, ओंकारेश्वर के 18, संजय सागर के 2 एवं कुशलपुरा बांध के 7 गेट खोले गए हैं।
