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एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: PWD के लिए 4525 करोड़ मंजूर, उज्जैन में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 17 Mar 2026 09:03 PM IST
सार
मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में विकास और किसानों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। लोक निर्माण विभाग के लिए 4525 करोड़ मंजूर किए गए। उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा और किसानों को गेहूं पर बोनस मिलेगा। वहीं, कैबिनेट ने पशुपालन विभाग के नाम को बदलने की मंजूरी दी।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) के तहत 4525 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। साथ ही सरकार ने किसानों को राहत देते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने के फैसले को दोहराया। निर्णय के अनुसार, खरीदे गए गेहूं में से जो अतिरिक्त (सरप्लस) मात्रा केंद्र सरकार स्वीकार नहीं करेगी, उसका निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन द्वारा खुली निविदा के जरिए किया जाएगा। इस पर होने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। किसानों को बोनस का भुगतान बजट प्रावधान के माध्यम से किया जाएगा।
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सीएम मोहन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
- फोटो : अमर उजाला
भवनों के रखरखाव के लिए भी बजट
सरकारी आवास, विश्राम गृह और कार्यालय भवनों के रखरखाव के लिए भी अलग-अलग बजट स्वीकृत किए गए हैं। इसमें सतपुड़ा और विंध्याचल भवन सहित अन्य महत्वपूर्ण इमारतों के संधारण कार्य शामिल हैं।
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रीवा में सिंचाई परियोजना को मंजूरी
रीवा जिले की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे 7350 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और जवा व त्योंथर तहसील के 37 गांवों को लाभ मिलेगा। इस सिंचाई परियोजना के पूर्ण होने से उस क्षेत्र की लगभग 92 फीसदी कृषि भूमि सिंचित हो जाएगी
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नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों में संशोधन करते हुए भंडार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम को अब वित्त विभाग के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया है। इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
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पशुपालन विभाग का नाम अब गौपालन एवं पशुपालन विभाग
कैबिनेट ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम बदलकर “गौपालन एवं पशुपालन विभाग” करने को मंजूरी दी है। इसी के साथ संचालनालय का नाम भी संशोधित किया गया है।
सरकारी आवास, विश्राम गृह और कार्यालय भवनों के रखरखाव के लिए भी अलग-अलग बजट स्वीकृत किए गए हैं। इसमें सतपुड़ा और विंध्याचल भवन सहित अन्य महत्वपूर्ण इमारतों के संधारण कार्य शामिल हैं।
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रीवा में सिंचाई परियोजना को मंजूरी
रीवा जिले की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे 7350 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और जवा व त्योंथर तहसील के 37 गांवों को लाभ मिलेगा। इस सिंचाई परियोजना के पूर्ण होने से उस क्षेत्र की लगभग 92 फीसदी कृषि भूमि सिंचित हो जाएगी
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नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों में संशोधन करते हुए भंडार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम को अब वित्त विभाग के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया है। इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
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पशुपालन विभाग का नाम अब गौपालन एवं पशुपालन विभाग
कैबिनेट ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम बदलकर “गौपालन एवं पशुपालन विभाग” करने को मंजूरी दी है। इसी के साथ संचालनालय का नाम भी संशोधित किया गया है।

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