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Shardiya Navratri : यहां टेकरी पर विराजमान हैं 'शक्ति स्वरूपा', इस राजवंश का जुड़ा है इतिहास; देखें तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Tue, 23 Sep 2025 08:21 AM IST
सार
Navratri Special 2025 : नवरात्रि पर्व का आज दूसरा दिन है। पूरे प्रदेश में माता के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी हुई है। सभी लोग शक्ति स्वरूपा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। चलिए इस विशेष पर्व पर बता रहे हैं देवास स्थित माता टेकरी की कहानी। मां यहां आने वाले हर एक भक्त की मन्नत पर्ण करती है।
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Navratri 2025 : नवरात्रि पर माता टेकरी धाम के दर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
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नवरात्रि का पावन पर्व जारी है। आज दूसरा दिन है। देशभर में भक्त मां की पूजा-वंदना कर रहे हैं। इस खास मौके पर हम आपको मां दुर्गा से जुड़ी हुई कहानियां बता रहे हैं। मध्य प्रदेश के देवास जिले में स्थित माता टेकरी अपने अद्भुत आध्यात्मिक माहौल और माता तुलजा भवानी व मां चामुंडा देवी के जागृत स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यहां देवी मां के दो स्वरूप बड़ी मां (तुलजा भवानी) और छोटी मां (चामुंडा देवी) अपनी जागृत अवस्था में विराजमान हैं।
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दोनों माता टेकरी में विराजमान, मां के मनमोहक दर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
पौराणिक कथा
मंदिर के पुजारी मुकेश महाराज के अनुसार, पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि दोनों माताओं के बीच बहन का संबंध था। किसी विवाद के कारण बड़ी माँ पाताल में समाने लगीं और छोटी मां अपनी जगह छोड़कर जाने लगीं। इसी दौरान भगवान हनुमान जी और भैरू बाबा ने माताओं के क्रोध को शांत किया और दोनों माता टेकरी में विराजमान रहीं।
मंदिर के पुजारी मुकेश महाराज के अनुसार, पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि दोनों माताओं के बीच बहन का संबंध था। किसी विवाद के कारण बड़ी माँ पाताल में समाने लगीं और छोटी मां अपनी जगह छोड़कर जाने लगीं। इसी दौरान भगवान हनुमान जी और भैरू बाबा ने माताओं के क्रोध को शांत किया और दोनों माता टेकरी में विराजमान रहीं।
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माता की मूर्तियां स्वयंभू हैं
- फोटो : अमर उजाला
मन्नत पूरी होने की आस्था
स्थानीय लोगों का मानना है कि माता की मूर्तियां स्वयंभू हैं। सच्चे मन से यहाँ जो भी मन्नत मांगी जाती है, वह पूरी होती है। इस स्थान की विशेषता यह है कि यहाँ पवार राजवंश के समय से ही पूजा की परंपरा चली आ रही है। अष्टमी के दिन राजपरिवार द्वारा यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि माता की मूर्तियां स्वयंभू हैं। सच्चे मन से यहाँ जो भी मन्नत मांगी जाती है, वह पूरी होती है। इस स्थान की विशेषता यह है कि यहाँ पवार राजवंश के समय से ही पूजा की परंपरा चली आ रही है। अष्टमी के दिन राजपरिवार द्वारा यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
Navratri Special 2025: श्रद्धालुओं की लगी रहती है कतारें।
- फोटो : अमर उजाला
नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं
नवरात्रि के नौ दिनों में माता टेकरी पर दर्शन करने के लिए लाखों श्रद्धालु आते हैं। प्रतिदिन हजारों लोग माता के दर्शन और अपनी मुरादें पूरी करने के लिए यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालु यहां बड़ी और छोटी माँ के साथ-साथ भैरू बाबा के दर्शन को भी अनिवार्य मानते हैं।
ये भी पढ़ें- Shardiya Navratri 2025: इस बार 9 नहीं 10 दिन की होगी शारदीय नवरात्रि, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के नौ दिनों में माता टेकरी पर दर्शन करने के लिए लाखों श्रद्धालु आते हैं। प्रतिदिन हजारों लोग माता के दर्शन और अपनी मुरादें पूरी करने के लिए यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालु यहां बड़ी और छोटी माँ के साथ-साथ भैरू बाबा के दर्शन को भी अनिवार्य मानते हैं।
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नवरात्रि पर माता की विशेष पूजा और आरती का आयोजन।
- फोटो : अमर उजाला
विशेष पूजा-अर्चना
नवरात्रि के दौरान माता की विशेष पूजा और आरती का आयोजन होता है। दिन-रात श्रद्धालुओं का तांता रहता है, और लोग अपने मनोकामना पूरी होने पर घुटनों के बल आते हैं।
ये भी पढ़ें-Shardiya Navratri 2025: 22 सितंबर को नवरात्रि का पहला दिन, जानें मां दुर्गा के कौन-से रूप की होती है पूजा?
नवरात्रि के दौरान माता की विशेष पूजा और आरती का आयोजन होता है। दिन-रात श्रद्धालुओं का तांता रहता है, और लोग अपने मनोकामना पूरी होने पर घुटनों के बल आते हैं।
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