सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

MP News: मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला में लगी आग, 10 हजार से ज्यादा गौवंश मौजूद, सांस्कृतिक मंडप पूरा जला

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 06 Mar 2025 05:51 PM IST
सार

Fire in Cowshed: मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला, जिसमें 10 हजार से ज्यादा गौवंश मौजूद हैं, उसमें आग लगने की बड़ी खबर सामने आई है। राहत की बात यह है कि अभी तक गौवंशों के नुकसान की खबर सामने नहीं आई।

विज्ञापन
Gwalior MP News Fire broke out in Madhya Pradesh largest cowshed more than 10 thousand cattle present
गौशाला में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी लाल टिपारा गौशाला में भीषण आग लगने की खबर सामने आ रही है। यहां 10,000 से ज्यादा गौवंश मौजूद हैं। आग बुझाने का काम तेजी से जारी है। बताया जा रहा है कि आग टपरे की वजह से लगी है। लेकिन पुख्ता जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, राहत इस बात की है कि अभी तक इस घटना में गौवंशों के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। इस गौशाला का संचालन कुछ वर्ष पहले संतों को सौंपा गया था। तब से यह देश की सबसे आदर्श गौशाला बन गई है। यह गौशाला देश की पहली आधुनिक और आत्मनिर्भर गौशाला है।

Trending Videos
Gwalior MP News Fire broke out in Madhya Pradesh largest cowshed more than 10 thousand cattle present
गौशाला में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

आदर्श गौशाला लाल टिपारा ग्वालियर के संयोजक स्वामी ऋषभ देवानंद ने कहा कि ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में भड़की आग पर काबू पा लिया गया है। इस गौशाला का संचालन नगर निगम द्वारा साधू संतों के माध्यम से किया जाता है। तत्काल आग पर काबू पा लिए जाने से बड़ी घटना टल गई।क्योंकि गौशाला परिसर में न केवल 10 हजार से ज्यादा गौवंश मौजूद थे। बल्कि यहीं पर गोबर से सीएनजी बनाने वाला बायो सीएनजी संयंत्र भी संचालित होता है। इसलिए पहला प्रयास यही था कि आग को आसपास बढ़ने से रोका जाए। आग की वजह शार्ट सर्किट मानी जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Gwalior MP News Fire broke out in Madhya Pradesh largest cowshed more than 10 thousand cattle present
आग बुझाते हुए - फोटो : अमर उजाला

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि ग्वालियर के लाल टिपारा गौशाला में स्थानीय नगर निगम के सहयोग से दस हजार गायों की देखभाल की जा रही है। यहां गोबर से गैस बनाने वाला राज्य का अपने तरह का यह पहला संयंत्र स्थापित किया गया है। वैसे तो इंदौर में पहले से बायो सीएनजी प्लांट है, लेकिन वहां इसके लिए गीले कचरे का उपयोग किया जाता है।

Gwalior MP News Fire broke out in Madhya Pradesh largest cowshed more than 10 thousand cattle present
गौशाला में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

जबकि, यहां सिर्फ गोबर का उपयोग होगा, वह भी सिर्फ गौवंश के गोबर का। अधिकारियों का कहना है कि इस समय बायो सीएनजी की मांग सामान्य सीएनजी से ज्यादा है। क्योंकि बायो सीएनजी में 95 फीसदी मीथेन होता है, जबकि सामान्य सीएनजी में 90 फीसदी होता है। यही वजह है कि बायो सीएनजी से मिलने वाले वाहनों का माइलेज ज्यादा निकलता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed