इंदौर में मंगलवार को एक और जहां दशहरे का उत्साह चरम पर था वहीं दूसरी ओर बंगाली परिवारों में सिंदूर खेला Sindoor Khela को लेकर जोश देखते ही बन रहा था। अमर उजाला के फोटोग्राफ जयेश मालवीय ने इन पलों को कैमरे में कैद किया।
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सिंदूर खेला का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
सिंदूर खेला का दृश्य ऐसा था मानो शहर में बंगाल उतर आया हो। नवलखा स्थित बंगाली क्लब में सुबह से पहुंची सैकड़ों महिलाओं ने उत्सव मनाया। महिलाओं ने माता को सिंदूर लगाकर मनोकामना भी मांगी। मां दुर्गा के साथ ही कार्तिकेय, सरस्वती व भगवान गणेश का पूजन भी किया गया।
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सिंदूर खेला का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
परंपरा के अनुसार महिलाएं पहले देवी दुर्गा, लक्ष्मीजी और सरस्वतीजी को सिंदूर अर्पित करती हैं और फिर एक- दूसरे को लगाकर सिंदूर खेलती हैं। पूरे वर्ष यही सिंदूर महिलाएं अपनी मांग में भरती हैं। माथे व मांग के साथ सिंदूर गालों पर भी लगा दिया जाता है। सिंदूर खेला कब होली का रंग अपने में समेट लेता है, यह पता ही नहीं चलता।
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सिंदूर खेला का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मुंह मीठा करने के साथ देवी दुर्गा को मायके से ससुराल की ओर विदा किया जाता है। मंगलवार को जब नवलखा में सिंदूर खेला हो रहा था तो बंगाली गीत भी बज रहे थे और ढाक की थाप भी सुनाई दे रही थी।
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सिंदूर खेला का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
कभी शंखनाद से पूरा परिसर गुंजायमान हो रहा था तो कभी उलुक ध्वनि कर महिलाएं मंगल की कामनाएं कर रही थीं।
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