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शर्मनाक: अस्पताल ने बदल दिए शव, पिता के अंतिम दर्शन भी न कर पाया बेटा, अस्थियों को किया नमन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 23 Apr 2021 11:21 AM IST
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मोहाली अस्पताल में पिता का शव बदले जाने के बाद विलाप करता व्यक्ति।
- फोटो : अमर उजाला
मोहाली के फेज-9 स्थित शेल्बी अस्पताल की लापरवाही के कारण एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर का शव ओडिशा के एक बुजुर्ग के शव से बदल गया। रिटायर्ड ब्रिगेडियर के परिवार ने उसका दाह संस्कार भी कर दिया। खुलासा तब हुआ, जब बुजुर्ग का बेटा पिता का शव लेने अस्पताल पहुंचा। इसके बाद अस्पताल को अपनी गलती का अहसास हुआ। पहले तो अस्पताल ने मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की। बाद में बेटे ने पुलिस बुलाई तो प्रबंधन ने माना कि गलती से शव बदल गए हैं। बुजुर्ग के बेटे ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, ओडिशा निवासी कुलवंत राय अग्रवाल (74) को सोमवार को संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को कुलवंत राय की मौत हो गई थी। परिवार को शव सौंपने के लिए गुरुवार को बुलाया गया। मृतक के बेटे अनिल ने बताया कि वीरवार को वह परिवार के साथ पिता का शव लेने अस्पताल पहुंचा तो अस्पताल वाले शव देने में टालमटोल करने लगे।
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अस्पताल के बाहर खड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
पहले कई बार मृतक का नाम पूछा और कहा कि खुद पहचान कर लें, इस नाम का शव नहीं मिल रहा है। उन्होंने अनिल को बताया कि सुबह भी दिल्ली निवासी एक शख्स की मौत हुई थी। उसके परिवार को शव सौंपा गया है। इसके बाद अस्पताल वालों ने दिल्ली के परिवार से संपर्क किया और शव की फोटो मंगवाकर जब कुलवंत राय के परिवार को दिखाई तो उन्होंने कुलवंत का शव पहचान लिया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि शव का संस्कार दिल्ली निवासी परिवार ने कर दिया है। इसके बाद कुलवंत के परिवार ने अस्पताल के बाहर हंगामा कर दिया। सूचना पर डीएसपी सिटी-2 दीपकमल पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दे दी है।
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जानकारी देते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार संस्कार नहीं कर पाया तो अस्थियों को किया नमन
कुलवंत के परिवार को पता चला कि शव का संस्कार कर दिया गया है तो सदस्य वहीं विलाप करने लगे। इसके बाद पुलिस परिवार को मोहाली के श्मशानघाट लेकर गई। यहां मृतक के परिवार ने अस्थियों को नमन किया। इसके बाद पुलिस ने श्मशानघाट से दाह संस्कार का रिकॉर्ड ले लिया।
कुलवंत के परिवार को पता चला कि शव का संस्कार कर दिया गया है तो सदस्य वहीं विलाप करने लगे। इसके बाद पुलिस परिवार को मोहाली के श्मशानघाट लेकर गई। यहां मृतक के परिवार ने अस्थियों को नमन किया। इसके बाद पुलिस ने श्मशानघाट से दाह संस्कार का रिकॉर्ड ले लिया।
पिता की मौत पर विलाप करता बेटा।
- फोटो : अमर उजाला
पंडित जी बोले- पहले शव की शिनाख्त करवाई, फिर किया संस्कार
श्मशान घाट के पंडित ने कहा कि जो परिवार शव लेकर श्मशान घाट पहुंचा था, पहले उनको शव का चेहरा दिखाकर शिनाख्त करवाई गई थी। इसके बाद ही दाह संस्कार की प्रक्रिया की गई। संस्कार करवाने वाला परिवार दिल्ली का रहने वाला है। उन्होंने इसकी पूरी जानकारी पुलिस को दे दी है।
श्मशान घाट के पंडित ने कहा कि जो परिवार शव लेकर श्मशान घाट पहुंचा था, पहले उनको शव का चेहरा दिखाकर शिनाख्त करवाई गई थी। इसके बाद ही दाह संस्कार की प्रक्रिया की गई। संस्कार करवाने वाला परिवार दिल्ली का रहने वाला है। उन्होंने इसकी पूरी जानकारी पुलिस को दे दी है।
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मोहाली में अस्पताल के बाहर जुटे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
बेटा बोला- ओडिशा से पानीपत में बीमार दादी को देखने गए पिता हुए थे संक्रमित
अनिल ने बताया कि पानीपत में उनकी दादी रहती हैं। वह बीमार चल रही थीं। उनका हाल जानने के लिए उनके पिता ओडिशा से पानीपत आए थे। यहीं आकर वह संक्रमित हो गए। उनके कुछ जानकार चंडीगढ़ में रहते हैं। इसलिए वह अपने पिता को अच्छे इलाज के लिए मोहाली के अस्पताल में ले आए थे। उन्होंने नहीं सोचा था कि उनके साथ ऐसी अनहोनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके पिता का शव नहीं देने के लिए जो लोग भी जिम्मेदार हैं, प्रशासन को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
अनिल ने बताया कि पानीपत में उनकी दादी रहती हैं। वह बीमार चल रही थीं। उनका हाल जानने के लिए उनके पिता ओडिशा से पानीपत आए थे। यहीं आकर वह संक्रमित हो गए। उनके कुछ जानकार चंडीगढ़ में रहते हैं। इसलिए वह अपने पिता को अच्छे इलाज के लिए मोहाली के अस्पताल में ले आए थे। उन्होंने नहीं सोचा था कि उनके साथ ऐसी अनहोनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके पिता का शव नहीं देने के लिए जो लोग भी जिम्मेदार हैं, प्रशासन को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
