हिमाचल में जयराम सरकार एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर धर्मशाला में वीरवार को पीएम मोदी की मौजूदगी में जन आभार रैली कर रही है। सरकारी खर्चे से मोदी की रैली पर विपक्ष के सवालों के बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ‘अमर उजाला’ के संवाददाता सुनील चड्ढा से एक वर्ष की उपलब्धियों समेत विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश:
हिमाचल सरकार के एक साल पर सीएम जयराम का इंटरव्यू, जानिए क्या कहा
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प्रश्न : एक साल में अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानते हैं?
उत्तर : हिमाचल की जनता की रूह में उतर जाना हमारी सबसे बड़ी कामयाबी रही। एक साल में मैंने प्रदेश के 68 में से 63 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। आज तक के किसी भी मुख्यमंत्री के कार्यकाल का यह सबसे ज्यादा प्रवास है। जनमंच कार्यक्रम बड़ी उपलब्धि रही है। अब लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। पहली कैबिनेट बैठक में 70 साल से ऊपर आयु वर्ग के सभी बुजुर्गों के लिए पेंशन शुरू की। कांग्रेस सत्ता में आते ही पहली कैबिनेट में राजनीतिक प्रतिशोध की भावना वाले निर्णय लेती थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के तहत हर घर में गैस चूल्हा दिया। हिमाचल में एक लाख परिवार गैस कनेक्शन से छूट रहे थे। हम उनमें से 35 हजार को गैस का चूल्हा दे चुके हैं। एक साल में कोई घोटाला नहीं हुआ।
प्रश्न : पिछले बजट में घोषित 30 में से अधिकतर योजनाएं जैसे स्कूल वर्दी, छात्रों को पानी की बोतल देना, एक दिन पुस्तक दिवस मनाना, धरातल पर कहां दिख रही हैं?
उत्तर : नई योजनाओं को धरातल पर उतारने में वक्त लगता है। 30 योजनाओं को शुरू करने की बात हमने बजट में कही थी। उनमें से अधिकतर धरातल पर हैं। वर्दी की योजना में विलंब हुआ है, घोटाला नहीं।
प्रश्न : विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश पर 49 हजार करोड़ के कर्ज के बावजूद आपने पीएम की रैली के लिए कर्जा लेकर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया?
उत्तर : हिमाचल में देश के प्रधानमंत्री आ रहे हैं। प्रदेश की जनता इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना चाहती है, तो कांग्रेस को परेशानी क्या है। कांग्रेस ने सत्ता में रहते मंडी में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रैली करवा दी थी। आखिर कांग्रेस ने सरकारी खर्चे पर राहुल गांधी की रैली किस हैसियत से करवाई, वो भी चुनाव आचार संहिता से पांच दिन पहले। रैली में एचआरटीसी की बसें लगाई गईं। मुझे बताया गया कि राहुल की विकास रैली में एचआरटीसी बसों का 75 लाख रुपये किराया देने को है। रिपोर्ट मांगी तो पता चला कि वीरभद्र सरकार ने कैबिनेट में ही फैसला ले रखा था कि राहुल की रैली सरकारी रैली होगी। राहुल उस समय सिर्फ सांसद और कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे। वीरभद्र सरकार के समय हुई इस गड़बड़ी को लेकर सरकार कार्रवाई करेगी।
प्रश्न : शीत सत्र में सदन के भीतर मंत्रियों की खराब परफारमेंस से आप नाराज बताए जा रहे हैैं। क्या कुछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदल रहे हैं?
उत्तर : किसी भी मंत्री को अपने विभाग को समझने में समय लगता है, इसमें दोराय नहीं। सभी ने इसे समझा भी। नाराजगी की बात नहीं है, लेकिन मंत्रियों को मेहनत करनी होगी। जब मैं पूरा साल एक भी छुट्टी न लेकर काम कर सकता हूं तो यह स्वभाव सभी मंत्रियों को समझना पड़ेगा। अगर मंत्रिमंडल में फेरबदल की आवश्यकता रहेगी तो पार्टी नेतृत्व से चर्चा कर सब संभावनाएं विद्यमान रहती हैं।