हिल्स क्वीन शिमला आने वाले सैलानियों को सरकार ने मुफ्त पार्किंग की सौगात दी है। टुटीकंडी क्रासिंग स्थित मल्टी स्टोरी पार्किंग में सैलानियों की गाड़ियां पहली जनवरी तक निशुल्क पार्क होंगी। शहर के एंट्री प्वाइंट पर टूरिस्टों की गाड़ियां पार्क होने से शहर को जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। सरकार ने टुटीकंडी क्रासिंग पार्किंग के रख रखाव और संचालन का जिम्मा नगर निगम को सौंपा है। पर्यटन विभाग के एडीबी प्रोजेक्ट मैनेजर सोमनाथ शर्मा ने नगर निगम के सहायक आयुक्त विकास सूद को औपचारिक तरीके से पार्किंग सौंप दी है।
शिमला आने वाले सैलानियों को सरकार ने दी बड़ी सौगात
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नगर निगम ने इस पार्किंग में अपना स्टाफ तैनात कर दिया है। पर्यटन विभाग ने एडीबी के सहयोग से 82 करोड़ रुपये खर्च कर आधुनिक सुविधाओं से लैस पार्किंग का निर्माण किया है। पार्किंग में 1000 वाहन पार्क हो सकते हैं। इस पार्किंग में टूरिस्ट बसें खड़ी करने की भी व्यवस्था है। 13 मंजिला कार पार्किंग कांप्लेक्स में रेस्टोरेंट और आधुनिक जन सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई है।
उद्घाटन के 24 दिन बाद 82 करोड़ की लागत से बनी शहर की सबसे बड़ी पार्किंग को आखिर वारिस मिल ही गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 29 नवंबर को क्रॉसिंग पार्किंग का लोकार्पण किया था। उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रशासन को तुरंत पार्किंग का संचालन शुरू करने और पार्किंग से सैलानियों को शहर तक पहुंचाने के लिए पुख्ता बंदोबस्त करने के आदेश दिए थे।
82 करोड़ की लागत से तैयार पार्किंग कांप्लेक्स का रख रखाव और संचालन स्टॉफ की किल्लत से जूझ रहे नगर निगम के लिए चुनौती साबित हो सकता है। कांप्लेक्स के टॉप फ्लोर में रेस्टोरेंट बनाया गया है। इसमें आधुनिक उपकरण लगे हैं। नीचे की सात मंजिलों में पार्किंग है। हर मंजिल पर डोरमेट्री के साथ शौचालय बनाए गए हैं। कांप्लेक्स की दो मंजिलें बतौर ऑफिस संचालन के लिए तैयार की गई हैं। एक मंजिल पर आफिस पार्किंग बनाई गई है। पूरे परिसर में करीब दो दर्जन शौचालय हैं। परिसर इतना बड़ा है कि यहां साफ सफाई के लिए भी कर्मियों की पूरी टीम की जरूरत पड़ेगी।
इन सेवाओं के लिए विशेषज्ञों की जरूरत
1. ऑटोमेटिक एसटीपी
2. एडवांस फायर फाइटिंग सिस्टम
3. पब्लिक एड्रेस सिस्टम
4. सीसीटीवी कवरेज