असफलताओं को चुनौती मान जो आगे बढ़ता है उसे ही मंजिल मिलती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है देवभूमि हिमाचल की यूथ बिग्रेड ने। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में इन युवाओं ने मेहनत के दम पर दूसरों को यह संदेश दिया है कि जिंदगी में मुश्किल कुछ नहीं। इन युवाओं में कुछ ऐसे भी हैं जो पहले से अफसर हैं, लेकिन इन्हें उच्च पद पर जाना था। अभिषेक बरवाल वन विभाग में सहायक अरण्यपाल, तीसरे स्थान पर रहे दीक्षित राणा जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति और पांचवें स्थान पर रहे चिराग एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। सातवें स्थान पर आए मयंक शर्मा एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हें। इन तीनों ने उच्च पद प्राप्त करने के लिए महनत जारी रखी। राज्य सरकार को सात हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचएएस) और चार हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा (एचपीएस) अधिकारी और मिल गए हैं। लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2020 का परिणाम जारी किया। कुल 16 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
HPASCC Exam Result: असफलताओं को चुनौती मान भर ली कामयाबी की उड़ान, बने एचएएस और एचपीएस अधिकारी, ऐसे पाया मुकाम
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इंटरनेट, अखबारों से हासिल ज्ञान से मिली सफलता : रश्मि
शहर के रामनगर मंगवाई की रश्मि का चयन हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवाओं में डीएसपी रैंक के लिए हुआ है। हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से मंगलवार को घोषित किए गए परिणामों में रश्मि को पांचवां रैंक मिला है। रश्मि इन दिनों चंडीगढ़ में एक नामी इंजीनियरिंग कंपनी में कार्यरत हैं। पिता देव राज भारद्वाज भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जबकि माता मीनाक्षी भारद्वाज भाषा अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। रश्मि का कहना है कि इंटरनेट और अखबारों से वह ज्ञान हासिल करती रहीं और कामयाबी मिली। इनकी प्रारंभिक शिक्षा रामनगर मंगवाई के स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल में हुई है। इसके बाद बद्दी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद निजी कंपनी में नौकरी मिल गई।
कुनिका ने दूसरी बार पास की एचएएस की परीक्षा
खाद्य आपूर्ति विभाग धर्मशाला में बतौर इंस्पेक्टर कुल्लू की कुनिका ने एचएएस की परीक्षा पास कर मेरिट में दूसरा स्थान पाया है। दूसरा रैंक मिलने पर कुनिका को हिमाचल प्रशानिक सेवा (एचएएस) का पद मिला है। हालांकि 2019 में भी कुनिका ने एचएएस की परीक्षा पास की थी, मगर इंटरव्यू नहीं हो पाया था। अब दूसरी दफा दूसरा रैंक मिलने से कुनिका और परिवार खुश है। कुल्लू से जमा दो की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने बिलासपुर से बीएससी की है। उनके पिता कुल्लू में दुकान करते हैं और माता शिक्षिका हैं।
असफलताओं के बावजूद बढ़ते रहें आगे : कार्तिकेय
प्रदेश प्रशासनिक सेवा की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में शिमला के चक्कर के कार्तिकेय शर्मा ने आठवां रैंक पाया। कार्तिकेय ने कहा कि शुरूआती दौर में मिली विफलताओं से हतोत्साहित न होकर और जोश के साथ आगे बढ़ना जरूरी है, तभी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। 2021 में संयुक्त प्रशासनिक सेवा में चयनित होने के बाद आबकारी अधीक्षक के पद पर सेवारत थे। वे अब जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक बने हैं। कार्तिकेय ने दयानंद पब्लिक स्कूल से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की। कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि उनके सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पिता गोपाल शर्मा से उन्हें प्रेरणा और मार्गदर्शन मिला। शिक्षा विभाग में सहायक निदेशक के पद पर सेवारत माता सुरेंद्रा शर्मा ने भी मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक साल की कोचिंग ली, उसके बाद पढ़ाई को नियमित रूप से समय दिया और पढ़ाई जारी रखी।
असफलता को स्वीकारें, तभी मिलेगी सफलता : गिरीश
बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गूगा गेहड़वी के काहली (छुमान) गांव के गिरीश नड्डा ने वर्ष 2020 की एचएएस की परीक्षा पास कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गिरीश नड्डा वर्तमान में पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड रिकांगपिओ में सहायक अभियंता के पद पर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। 12 दिसंबर 1995 को जन्मे गिरीश नड्डा ने दसवीं कक्षा सरस्वती विद्या मंदिर झंडूता से पास की और बारहवीं मिनर्वा स्कूल घुमारवीं और एनआईटी हमीरपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की है। गिरीश नड्डा के पिता लोक निर्माण विभाग झंडूता में कार्य निरीक्षक, माता गृहिणी हैं। गिरीश नड्डा ने कहा कि असफलताओं को स्वीकार कर गंभीरता से लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा कर सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। गिरीश नड्डा सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं के पद पर अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।

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