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ऐसा था शहीद तिलक राज का बचपन, सीआरपीएफ में भर्ती होने से पहले किया ये काम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Tue, 19 Feb 2019 10:26 AM IST
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pulwama terror: childhood story of martyr tilak raj of kangra himachal
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए कांगड़ा के ज्वाली के नाणा पंचायत के धेवा गांव के शहीद तिलक राज बचपन में गाने के अलावा और भी शौक रखते थे।
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तिलक राज की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक पाठशाला धेवा में हुई। स्कूल घर से डेढ किमी दूर था और वह हर रोज पैदल स्कूल पहुंचते। आगे की पढ़ाई के लिए वह छह किलोमीटर दूर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला परगोड़ा  से की ।

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तिलक राज शुरू से पढ़ने के साथ खेलकूद में शौक रखते थे।  तिलक के दोस्त रमेश कुमार ने बताया कि गरीब के चलते तिलक राज 10वीं कक्षा के बाद आगे नहीं पढ़ सकें।

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 इसके बाद उन्होंने ज्वाली में तीन साल फोटोग्राफी का काम सीखा। फिर  अपनी फोटोग्राफी की दुकान खोली। अपने घर से 10 किमी दूर हार गांव में दुकान चलाई। तिलक ने  कबड्डी में राज्य स्तरीय की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

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शहीद तिलकराज के साथ जमा एक और जमा दो की पढ़ाई में साथ रहे धर्मशाला महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर अजय कुमार ने बताया कि वह स्कूल समय से ही लोकगायन का शौक रखते थे। वह स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक और अन्य प्रतियोगिताओं में अक्सर भाग लेते और जीतते भी थे।

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