Mahakumbh 2025 Mauni Amavasya Amrit Snan Date: महाकुंभ का पहला अमृत स्नान 14 जनवरी को था, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया और अपार आस्था के साथ संगम में डुबकी लगाई। इसके बाद अब सभी को महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान का इंतजार है। हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या के दिन होने वाले इस स्नान का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ के अमृत स्नान को अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी माना गया है।
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Maha Kumbh 2025: मौनी अमावस्या पर महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान, जानें इस दिन स्नान और दान का महत्व
Sat, 18 Jan 2025 06:42 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sat, 18 Jan 2025 06:42 AM IST
सार
Mauni Amavasya Amrit Snan Date: महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान 29 जनवरी को होगा, जिसे अत्यधिक पुण्यदायक माना गया है। आइए जानते हैं इस स्नान के शुभ मुहूर्त और इसके महत्व के बारे में।
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महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान
- फोटो : Amar Ujala
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- फोटो : adobe stock
अमृत स्नान का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ के अमृत स्नान के समय जो भी श्रद्धालु गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि आती है। इसलिए महाकुंभ में अमृत स्नान का विशेष महत्व है।
दूसरा अमृत स्नान कब होगा?
महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 28 जनवरी की शाम 7:35 बजे शुरू होकर 29 जनवरी की शाम 6:05 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर मौनी अमावस्या का स्नान 29 जनवरी को होगा। इस दिन संगम पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्र होने की संभावना है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ के अमृत स्नान के समय जो भी श्रद्धालु गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि आती है। इसलिए महाकुंभ में अमृत स्नान का विशेष महत्व है।
दूसरा अमृत स्नान कब होगा?
महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 28 जनवरी की शाम 7:35 बजे शुरू होकर 29 जनवरी की शाम 6:05 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर मौनी अमावस्या का स्नान 29 जनवरी को होगा। इस दिन संगम पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्र होने की संभावना है।
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- फोटो : adobe stock
स्नान और दान के शुभ मुहूर्त
मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:25 बजे से शुरू होकर 6:19 बजे तक रहेगा। इस दौरान स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। अगर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान या दान संभव न हो, तो सूर्योदय से सूर्यास्त तक भी यह किया जा सकता है।
मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:25 बजे से शुरू होकर 6:19 बजे तक रहेगा। इस दौरान स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। अगर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान या दान संभव न हो, तो सूर्योदय से सूर्यास्त तक भी यह किया जा सकता है।
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- फोटो : adobe stock
मौनी अमावस्या का महत्व
इस दिन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि पितर इस दिन धरती पर आते हैं। श्रद्धालुओं को इस दिन संगम में स्नान के साथ पितरों का तर्पण और दान भी करना चाहिए। ग्रहों की स्थिति के अनुसार तय की गई अमृत स्नान की तिथियां अत्यंत शुभ मानी जाती हैं। मौनी अमावस्या पर स्नान से सभी पापों का नाश होता है और व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान श्रद्धा, विश्वास और धार्मिकता से परिपूर्ण एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो सभी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का मार्ग प्रदान करता है।
इस दिन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि पितर इस दिन धरती पर आते हैं। श्रद्धालुओं को इस दिन संगम में स्नान के साथ पितरों का तर्पण और दान भी करना चाहिए। ग्रहों की स्थिति के अनुसार तय की गई अमृत स्नान की तिथियां अत्यंत शुभ मानी जाती हैं। मौनी अमावस्या पर स्नान से सभी पापों का नाश होता है और व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान श्रद्धा, विश्वास और धार्मिकता से परिपूर्ण एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो सभी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का मार्ग प्रदान करता है।
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महाकुंभ 2025 अमृत स्नान की तिथियां
13 जनवरी (सोमवार)- स्नान, पौष पूर्णिमा
14 जनवरी (मंगलवार)- अमृत स्नान, मकर सक्रांति
29 जनवरी (बुधवार)- अमृत स्नान मौनी अमावस्या
3 फरवरी (सोमवार)- अमृत स्नान, बसंत पंचमी
12 फरवरी (बुधवार)- स्नान, माघी पूर्णिमा
26 फरवरी (बुधवार)- स्नान, महाशिवरात्रि
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
13 जनवरी (सोमवार)- स्नान, पौष पूर्णिमा
14 जनवरी (मंगलवार)- अमृत स्नान, मकर सक्रांति
29 जनवरी (बुधवार)- अमृत स्नान मौनी अमावस्या
3 फरवरी (सोमवार)- अमृत स्नान, बसंत पंचमी
12 फरवरी (बुधवार)- स्नान, माघी पूर्णिमा
26 फरवरी (बुधवार)- स्नान, महाशिवरात्रि
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।