माघ मेले में महाकुंभ की वसंत पंचमी का रिकाॅर्ड टूट गया। चौथे मुख्य स्नान पर्व पर शुक्रवार को संगम की रेती पर स्नानार्थियों का रेला रहा। संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर शहरियों के अतिरिक्त संतों और महात्माओं सहित देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। प्रशासन का दावा है कि मेले के 24 घाटों पर रात आठ बजे तक 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। महाकुंभ-2025 की वसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था।
Prayagraj Magh Mela : मेले में महाकुंभ की वसंत पंचमी का टूटा रिकाॅर्ड, 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
Magh Mela Prayagraj : प्रयागराज संगम की रेती पर शुक्रवार को वसंत पंचमी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी कि महाकुंभ का भी रिकॉर्ड टूट गया। पिछले साल महाकुंभ में 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने वसंत पंचमी पर स्नान किया था, जबकि इस वर्ष माघ मेले में वसंत पंचमी पर 3.56 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई।
बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को स्नान के दौरान होने वाले संभावित खतरे से सचेत किया गया। घाटों पर आरएएफ तैनात रही। गंगा के दोनों तरफ बैरिकेडिंग लगाकर स्नान क्षेत्र का दायरा बढ़ाया गया ताकि भीड़ एक स्थान पर न रुके। बैरिकेडिंग के बाहर जल पुलिस की नाव और स्टीमर लगे रहे।
उन पर पीएसी के जवान और गोताखोरों की टीम तैनात रही। भीड़ का ज्यादा दबाव हर समय संगम नोज पर रहा। स्नान घाट के करीब कासे पर ही बैठकर लोगों ने घर से लाए गए लड्डू चूरा, सब्जी-पूड़ी का आनंद लिया। वहीं, मेले से विदा होने के लिए भी रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। स्नान के दौरान मंडलायुक्त, डीएम, अपर पुलिस आयुक्त, मेलाधिकारी, एसपी मेला समेत अन्य अधिकारी भ्रमण शील रहे।
रोक के बाद भी घाटों पर पूजन-अर्चन कर दीपदान
श्रद्धालुओं ने रोक के बाद घाटों पर पूजन-अर्चन कर दीपदान भी किया। डुबकी लगाने वालों जल में ही खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य भी दिया। श्रद्धालुओं को घाट किनारे घाटिये नहीं मिले तो संगम नोज और घाटों से थोड़ी दूर जाकर तिलक-चंदन लगवाया। पूजा करने के बाद गोदान का भी संकल्प लिया। अक्षयवट मार्ग के संगम छोर पर पुरोहित गोदान कराते दिखे। उधर, अक्षयवट और लेटे हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जयकारों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
डुबकी के साथ तीन मुख्य स्नान पर्वों का संकल्प पूरा
संगम तट पर बहुत से ऐसे भी श्रद्धालु हैं जो पौष से माघी पूर्णिमा तक का कल्पवास नहीं कर सके। ऐसे श्रद्धालुओं ने तीन स्नान का संकल्प लिया था। चित्रकूट के बुजुर्ग शंकरदास के मुताबिक, इस संकल्प को पूरा करने के लिए मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और अब वसंत पंचमी पर डुबकी लगाई है। इसके बाद पूजा-अनुष्ठान कर दान-दक्षिणा भी दिया। तीर्थ पुरोहित माधव शर्मा और अजय मिश्रा बताते हैं कि ऐसे श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में है।
वसंत पंचमी पर रूट डायवर्जन से जाम से कराह उठा पुराना शहर
वसंत पंचमी स्नान पर करोड़ों श्रद्धालुओं के उमड़ने से शहर में एक बार फिर जाम लग गया। नए यमुना पुल बंद होने व जगह-जगह बैरिकेडिंग होने की वजह से लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। सबसे बुरा हाल हाल पुराना यमुना पुल, रामबाग, जानसेनगंज, चौक समेत अन्य इलाकों का रहा। देखते ही देखते यहां पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। महज पांच से सात मिनट का सफर तय करने में चालकों को घंटों लग गए।
स्नान पर्व पर मेला क्षेत्र में दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान को देखते हुए यातायात पुलिस ने शुक्रवार को नए यमुना पुल पर सभी तरह के वाहनों का आवागमन बंद कर दिया था। रीवा, मिर्जापुर व चित्रकूट से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को देव प्रयागम पार्किंग में पार्क कराया गया। वहीं, शहर में आने वाले वाहनों को लेप्रोसी चौराहे से डायवर्ट कर पुराने यमुना पुल की ओर मोड़ा गया। लेकिन सुबह से ही पुराने यमुनापुल पर वाहन रेंगने लगे। जिससे मुट्ठीगंज, हीवेट रोड, जानसेनगंज, रामबाग, बागड़ चौराहा समेत अन्य मार्गाें पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि, मौके पर मौजूद यातायात पुलिसकर्मियों ने किसी तरह से जाम को खुलवाया। यह सिलसिला देर-शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं के वापसी के बाद शहरवासियों को जाम से राहत मिली।
