अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को ग्रोवैल गर्ल्स स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया। बागपत एसपी नीरज कुमार जौदान ने कहा कि कोई भी अराजक तत्व अगर आपके रास्ते का बाधक है तो पुलिस आपके साथ हर कदम पर खड़ी है। किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहे। पुलिस को दोस्त समझकर अपनी हर छोटी बड़ी समस्या साझा करें।
पुलिस की पाठशाला: SP ने छात्राओं के हर सवाल का दिया जवाब, अपराध रोकने के लिए दी ये बड़ी सलाह
उन्होंने बिना पहचान वाले नंबर से आने वाली वीडियो कॉल रिसीव न करने की अपील की। क्योंकि इस तरह की वीडियो कॉल के बाद ब्लैकमेल करके पैसे मांगे जाते हैं। साथ ही वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने का पाठ पढ़ाया और बिना हेलमेट, बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन न चलाने की अपील की।
स्कूल के डायरेक्टर विश्वास चौधरी ने एसपी के छात्राओं का मार्गदर्शन करने पर उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि एसपी ने जिन नियमों की सीख दी है, उनको अपने जीवन में अपनाएं। प्रधानाचार्य कमलदीप जिंदल ने पुलिस कर्मियों पर आधारित एक कविता सुनाई। जिसमें पुलिस कर्मियों के जीवन से लेकर परिवार तक के बारे में बताया गया कि वह किस तरह खुद कठिनाइयां झेलकर लोगों की सुरक्षा करते हैं। इस दौरान गेटवे इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य अमित चौहान भी मौजूद रहे।
बैरिकेडिंग लगाने की अनुमति दी
हादसों को देखते हुए स्कूल की ओर से एसपी से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर सीओ कार्यालय के सामने बैरिकेडिंग लगाने की अनुमति मांगी गई तो एसपी ने उन्हें अनुमति दे दी। एसपी ने कहा कि यातायात में कोई बाधा भी नहीं हो और लोगों की सुरक्षा भी रहे। ऐसे में बैरिकेडिंग लगाने से कोई समस्या नहीं है और वहां बैरिकेडिंग लगवाई जाए।
छात्राओं के सवाल तो एसपी ने दिए जवाब
सवाल : पुलिस सिस्टम का क्या काम है। स्वेता
जवाब : पुलिस का काम पब्लिक की सुरक्षा व उन्हें कानून के प्रति जागरूक करना है।
सवाल : अक्सर कुछ पुलिस वाले फिट नहीं होते, वे कैसे अपराध पर अंकुश लगा सकते है। तनुश्री
जवाब : पुलिस कर्मियों का कोई खाने-पीने का समय नहीं होता। अपराध को रोकने में पूरे दिन व्यस्त रहते हैं। मेरी कोशिश है कि शिफ्ट के अनुसार पुलिस कर्मियों से ड्यूटी कराए।
सवाल : असफलता का कैसे सामना करें, सफलता का क्या मूलमंत्र है। अक्षरा
जवाब : असफलता ही सफलता की सीढ़ी है। इसलिए असफल होने पर मायूस ना हो, कहां कमी रह गई है, उसे दूर करें और लगातार मेहनत करें।
सवाल : आप ईमानदारी है, लेकिन आपके अन्य पुलिस कर्मी ईमानदारी है कैसे चेक करेंगे। तनीषा चौहान
जवाब : ईमानदारी चेक करने का कोई पैमाना नहीं होता, लेकिन बेईमानी का पता लगने पर जांच कर सजा का प्रावधान है। कई दोषी पुलिस कर्मियों को भी जांच के बाद सजा मिली है।
सवाल : यूपीएससी पास करने के लिए कितनी मेहनत की जरूरत है। अक्षिता तोमर
जवाब : सफलता का कोई शार्ट कट नही नहीं है। इसलिए निरंतर पढे़ और लक्ष्य बनाकर मेहनत करें, अधिक से अधिक किताबें पढे़ं। कोचिंग से बचें।
सवाल : अगर आप अकेले है और मुसीबत आ जाए तो क्या करें। जिया तोमर
जवाब : पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, 1090 पर कॉल कर सकते है। बिल्कुल ना घबराएं। साहस से काम लें।
सवाल : यदि कोई पुलिस कर्मी हमारे साथ अपराध करता है तो क्या करें। सलोनी
जवाब : यदि ऐसा होता है तो सबसे पहले लिखित में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराएं। मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच होती है और उसके बाद चार्जशीट कोर्ट में जाती है। कोर्ट में दोषी सिद्ध होने पर पुलिस वालों को भी सजा मिलती है।