बागपत में फखरपुर गांव से छह वर्षीय बच्चे शौर्य की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस को पहले गिरफ्तार युवकों पर ही शक था, खुलासे से यह भी साफ हो गया कि पुलिस की जांच सही दिशा में थी, लेकिन एक बच्ची और युवक की गलतबयानी के कारण पुलिस जांच की दिशा से भटक गई और 40 पुलिसकर्मियों की टीम लोनी में शौर्य की तलाश करता रही। तीन अन्य बिंदुओं पर जांच का नतीजा नहीं निकला तो पुलिस फिर से पहली लाइन पर लौटी और युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
Baghpat: मासूम शौर्य के मर्डर की पूरी कहानी, रूह कंपा देगी वारदात की सच्चाई, दरिंदों ने उगला पूरा राज
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इस दौरान वह खेकड़ा रोड से फिरोजपुर की तरफ जाने वाले रास्ते के तिराहे से पहले वाले मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में चार बजकर 55 मिनट पर दिखाई दिया। उसके बाद वह तिराहे से आगे के मकान में लगे कैमरे में नहीं दिखा।
इससे यह साफ हो गया था कि इन्हीं दो मकानों के बीच शौर्य का अपहरण हुआ है और कोई उसे लेकर फिरोजपुर वाले रास्ते से गया है। इसमें करीब एक मिनट का समय लगा है।
कुत्ते से बचने के लिए घूमकर जाता था शौर्य
एक सप्ताह पहले तक की सीसीटीवी फुटेज देखी गई तो उनमें भी कई बार शौर्य तिराहे से गायब हो जाता था। जब पता किया गया तो खेकड़ा रोड पर कोई कुत्ता बैठा होने पर वह फिरोजपुर रोड पर मुड़कर थोड़ा आगे चलने के बाद अंदर की गली से होकर वापस खेकड़ा रोड पर पहुंचता था और घर चला जाता था। इससे यह भी साफ हो गया कि खेकड़ा जाने वाली सड़क से अंदर जाने वाली गली से वह गायब हुआ है।
विनीत, अक्षित और डैनी के गली में मौजूद रहने का पता चला
घटना वाले समय की सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार दो युवक दिखे थे। पुलिस ने 16 दिसंबर को उनसे पूछताछ की। उन्होंने बताया कि जिस गली से शौर्य के गायब हुआ था, घटना के समय उसके एक कोने पर विनीत तो दूसरे कोने पर अक्षित और डैनी खड़े थे। गांव के ही एक अन्य व्यक्ति ने भी विनीत और अक्षित को गली में देखने की बात कही थी। पुलिस ने विनीत को बुलाकर पूछताछ की, लेकिन बच्ची और युवक के बयान के बाद दूसरे बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी।