बागपत में फखरपुर गांव से बृहस्पतिवार की शाम को लापता हुए सात साल के शौर्य की जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपये की नगद राशि दी जाएगी। वहीं सूचना देने वाले का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा। एसपी नीरज कुमार जादौन ने यह घोषणा की है।
शौर्य की तलाश: सूचना देने वाले को पुलिस देगी 50 हजार का इनाम, मां बोली- कुछ भी करो मेरे जिगर के टुकडे़ को लाओ
शौर्य का नहीं कोई सुराग
खेकड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम फखरपुर से लापता हुए शौर्य उर्फ सूर्यांश की तलाश में पीएसी के जवान भी जुटे हैं। डॉग स्क्वॉड टीम के साथ उन्होंने जंगल की खाक छानी, लेकिन 90 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है।
15 दिसंबर की शाम ग्राम फखरपुर से ग्रामीण सोहनबीर का सात वर्षीय पुत्र शौर्य उर्फ सूर्यांश ट्यूशन से वापस लौटते समय लापता हो गया था। पुलिस तभी से बालक की बरामदगी के लिए गांव में डेरा डाले हुए है। रविवार को पीएसी के जवान भी फखरपुर गांव पहुंचे। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार मिश्रा के नेतृत्व में डॉग स्क्वॉड टीम के साथ जंगल को खंगाला। गन्ने के खेतों में भी बालक की खोज की गई। ग्रामीणों से भी गहन पूछताछ की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि बालक की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जल्द ही उसको बरामद कर लिया जाएगा।
कुछ भी करो मेरे जिगर के टुकडे़ को लाओ
शौर्य की मां मोनिका का रो-रोकर बुरा हाल है। वह पुत्र के गम में बेहोश भी हो रही है। होश में आते ही एक ही बात बोल रही है कि कुछ भी करो मेरे जिगर के टुकडे़ को लाकर दो। उसकी यह वेदना पति सोहनबीर सिंह और ससुर जगबीर सिंह की आंखों को भी नम कर देती है। रूंधे गले से वे भी पुलिस अधिकारियों से शौर्य को बरामद करने की गुहार लगाते रहते हैं। जिस गली से शौर्य गया था। उस गली पर भी इस आस के साथ नजरें गड़ाए रहते हैं कि उनका बच्चा शायद अभी वापस आ जाए।
शौर्य के बाबा जगबीर सिंह और पिता सोहनबीर सिंह का कहना है कि शौर्य परिवार का अकेला चिराग है। उसके गायब रहने से परिवार के सभी लोग आहत है। वे उसकी याद में न कुछ खा पा रहे हैं। और न ही सो पा रहे हैं।