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Pura Mahadev: जहां परशुराम ने की थी तपस्या, लाखों शिवभक्त सावन में करते हैं शिव का जलाभिषेक

Tue, 11 Aug 2026 05:14 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 11 Aug 2026 05:14 PM IST
सार

बागपत का पुरा महादेव मंदिर कांवड़ियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां सावन में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।

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Pura Mahadev Temple: Historic Shiva Shrine and Major Pilgrimage Centre for Kanwariyas in Baghpat
पुरा महादेव मंदिर, बागपत उत्तर प्रदेश - फोटो : अमर उजाला

बागपत के पुरा गांव में स्थित ऐतिहासिक परशुरामेश्वर महादेव मंदिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में सावन के दौरान कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष रौनक रहती है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लंबी दूरी तय करने वाले कांवड़िये यहां पहुंचकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं।





सावन में मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र शिवभक्ति में डूब जाता है। कांवड़ियों के जत्थे हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के साथ मंदिर पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविर भी लगाए जाते हैं।

Pura Mahadev Temple: Historic Shiva Shrine and Major Pilgrimage Centre for Kanwariyas in Baghpat
पुरा महादेव मंदिर, बागपत उत्तर प्रदेश - फोटो : अमर उजाला

भगवान परशुराम से जुड़ी है मंदिर की पौराणिक मान्यता
मंदिर के पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा के अनुसार, प्राचीन समय में इस क्षेत्र में कजरी वन हुआ करता था। मान्यता है कि इसी वन में जमदग्नि ऋषि अपनी पत्नी रेणुका के साथ आश्रम में रहते थे। रेणुका प्रतिदिन हिंडन नदी से कच्चे घड़े में जल लेकर आती थीं और भगवान शिव को अर्पित करती थीं।

Pura Mahadev Temple: Historic Shiva Shrine and Major Pilgrimage Centre for Kanwariyas in Baghpat
पुरा महादेव मंदिर, बागपत उत्तर प्रदेश - फोटो : अमर उजाला

यहां परशुराम ने की थी घोर तपस्या
मंदिर की पौराणिक कथा भगवान परशुराम की शिव आराधना से भी जुड़ी है। मान्यता के अनुसार, माता रेणुका की मृत्यु के बाद परशुराम को इसका पश्चाताप हुआ। उन्होंने भगवान शिव की आराधना के लिए यहां शिवलिंग स्थापित किया और घोर तपस्या की।

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Pura Mahadev Temple: Historic Shiva Shrine and Major Pilgrimage Centre for Kanwariyas in Baghpat
पुरा महादेव मंदिर, बागपत उत्तर प्रदेश - फोटो : अमर उजाला

शिव की तपस्या से जुड़ी है फरसा मिलने की कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव परशुराम की तपस्या से प्रसन्न हुए और उन्हें दर्शन दिए। परशुराम ने भगवान शिव से अपनी माता रेणुका को पुनर्जीवन देने की प्रार्थना की। मान्यता है कि भगवान शिव ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और उन्हें फरसा प्रदान किया। इसी वजह से इस स्थान को भगवान परशुराम की तपस्थली और शिव आराधना से जुड़ा माना जाता है।

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Pura Mahadev Temple: Historic Shiva Shrine and Major Pilgrimage Centre for Kanwariyas in Baghpat
पुरा महादेव मंदिर, बागपत उत्तर प्रदेश - फोटो : अमर उजाला

खुदाई में मिला था शिवलिंग, फिर बना मंदिर
मंदिर के पुजारी के अनुसार, काफी समय बाद लंडौरा की रानी इस क्षेत्र से होकर गुजर रही थीं। इस दौरान उनका हाथी एक स्थान पर जाकर रुक गया। रानी के आदेश पर उस जगह खुदाई कराई गई तो वहां शिवलिंग मिला।

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