{"_id":"6978286887b057924e0029ac","slug":"alankar-agnihotri-success-long-story-his-father-passed-away-when-he-was-a-child-he-took-up-a-private-job-2026-01-27","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UP: बचपन में पिता का निधन... भाई-बहनों के लिए की प्राइवेट नौकरी; अलंकार की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: बचपन में पिता का निधन... भाई-बहनों के लिए की प्राइवेट नौकरी; अलंकार की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 27 Jan 2026 09:43 AM IST
सार
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री की सफलता के पीछे एक लंबी कहानी है। उनके पिता बचपन में ही गुजर गए थे। उन्होंने अपने छोटे भाई, बहनों के लिए प्राइवेट नौकरी भी की थी। भाई-बहनों के अपने पैरों पर खड़े होने के बाद उन्होंने प्राइवेट नौकरी छोड़कर पीसीएस की तैयारी की और पहली बार में ही सफलता हासिल की।
विज्ञापन
1 of 12
bareilly city magistrate resign
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बरेली में पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने भले ही सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा दे दिया हो, पर उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है। करीब 10 साल की अवस्था में ही उनके पिता का निधन हो गया था। सिर से पिता का साया उठने के बाद अलंकार तमाम बाधाओं से जूझते हुए सिविल सेवा की तैयारी की थी और पहले ही प्रयास में यूपीपीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी।
इसी के साथ वह डिप्टी कलेक्टर बन गए थे। इससे पूर्व उन्होंने अपने छोटे भाई, बहनों के लिए प्राइवेट नौकरी भी की थी। भाई-बहनों के अपने पैरों पर खड़े होने के बाद उन्होंने प्राइवेट नौकरी छोड़कर पीसीएस की तैयारी की और पहली बार में ही सफलता हासिल की।
Trending Videos
2 of 12
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
- फोटो : संवाद
अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। उनके जीवन का संघर्ष कम उम्र में ही शुरू हो गया था। जब वे साढ़े दस वर्ष के थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया। घर के सबसे बड़े बेटे होने के नाते उन पर जिम्मेदारियों का बड़ा बोझ था। उनकी माता गीता अग्निहोत्री ने कठिन परिस्थितियों में भी उनकी परवरिश और शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।
पिता के निधन के बाद करियर के साथ ही परिवार का रखा पूरा ध्यान
सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने पिता की मौत के बाद अपने करियर के साथ ही पूरे परिवार का ध्यान रखा। उन्होंने कानपुर में ही 12वीं तक की पढ़ाई की। वह पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में उन्होंने प्रदेश में 21वां स्थान प्राप्त किया था।
इसके बाद उन्होंने आईआईटी-बीएचयू से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक किया था। इसके बाद सिविल सेवा में जाना चाहते थे। लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों को देखते हुए आईटी कंपनी में कंसल्टेंट की नौकरी ज्वाइन की।
अलंकार की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी
अलंकार अग्निहोत्री की सफलता के पीछे एक लंबी कहानी है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और पत्नी आस्था मिश्रा को देते हैं। उन्होंने बताया था कि एक विवाहित व्यक्ति के लिए नौकरी छोड़कर तैयारी करना जोखिम भरा था, इसलिए उन्होंने एक साल की पगार बचाकर रुपए इकट्ठा किए थे, ताकि अगले 2-3 साल तक परिवार को आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।