UP: एक्साइज ड्यूटी घोटाले में बरेली-बदायूं के कई आरोपी, गैंग लीडर की संपत्ति पर भी हो सकती है कार्रवाई
सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में करीब 35 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी घोटाले में गैंगस्टर एक्ट के तहत शुक्रवार को बरेली में पहली कार्रवाई होने के बाद आरोपियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। गैंग लीडर समेत अन्य नामजदों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
विस्तार
सहारनपुर पुलिस ने अवैध शराब के सिंडिकेट से जुड़े बरेली के शराब कारोबारी भाइयों मनोज जायसवाल और नीरज जायसवाल की चार अचल संपत्तियों को शुक्रवार को कुर्क कर दिया। जांच के दौरान पता चला था कि दोनों भाई शराब फैक्टरी के एमडी प्रणय अनेजा समेत 27 लोगों के साथ मिलकर अवैध रूप से अतिरिक्त देसी शराब बनाकर प्रदेश भर में सप्लाई करते थे। इन पर 11 महीने में 35 करोड़ की एक्साइज ड्यूटी चोरी करने का भी आरोप है। सहारनपुर और बरेली पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर मुनादी कराई और संपत्ति खरीद-फरोख्त पर रोक के बोर्ड लगा दिए। इस मामले में मनोज और नीरज जायसवाल, प्रणय अनेजा समेत अन्य आरोपियों ने गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है। सहारनपुर पुलिस ने इन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
बरेली व बदायूं के कई और आरोपी इसमें शामिल हैं, जिन्होंने गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है। अब प्रशासन ने इनकी संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले में पांच साल पहले 27 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें मुख्य आरोपी फैक्टरी के एमडी प्रणय अनेजा को बनाया गया था। प्रणय का ताल्लुक भले ही बदायूं से है, लेकिन बरेली में उसकी कई संपत्तियां हैं।
ग्रीन पार्क निवासी मनोज व नीरज जायसवाल, फैक्टरी प्रबंधन से जुड़ा सीबीगंज (बरेली) निवासी अश्विनी कुमार उपाध्याय, भमोरा के गांव बल्लिया निवासी अजय जायसवाल व मनीष उर्फ मिंटू जायसवाल भी गैंगस्टर के मामले में आरोपी बताए जा रहे हैं। इनकी कई संपत्तियां बरेली में हैं। अश्वनी उपाध्याय को पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का रिश्तेदार बताया जाता है। बदायूं के बिसौली कस्बे में बुध बाजार निवासी सीएल टू गोदाम का मैनेजर प्रदीप गुप्ता, बिल्सी थाने के नागरजुना गांव का निवासी वीरेंद्र शंखधार भी आरोपी हैं।
स्थानीय पुलिस टीम रही तैनात
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई सहारनपुर के थाना जनकपुरी से आए इंस्पेक्टर विनोद मिश्रा की टीम ने वहां दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे के आरोपी मनोज व नीरज जायसवाल की संपत्तियां जब्त करने में जिलाधिकारी से सहयोग मांगा। इसके आधार पर नायब तहसीलदार रिठौरा विदित कुमार, नायब तहसीलदार भोजीपुरा अभिषेक तिवारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय व इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह सुरक्षा के लिहाज से टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।
बीडीए ने ध्वस्त किया था मनोज का बार
कुछ साल पहले जब मनोज जायसवाल के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट हुई तो स्टेडियम रोड पर स्थित उसका डाउन टाउन बार भी गिराया गया था। उस वक्त यह शहर के सबसे बड़े और आलीशान बार के रूप में स्थापित था। इसके बाद मनोज ने शराब का धंधा समेटना शुरू कर दिया और रियल एस्टेट में आ गया। हरूनगला में मनोज ने छह हजार वर्गमीटर में कॉलोनी विकसित की। शिकायत पर उसे भी बीडीए ने इस साल 19 जनवरी को गिरा दिया था।
टपरी डिस्टलरी में जब एसटीएफ ने छापा मारा था तो एक ही गेट पास और बिल्टी पर शराब के दो ट्रक निकाले जाने का मामला सामने आया था। उन्नाव, कानपुर, संभल और बदायूं के ठेकेदारों की मिलीभगत से चल रहे इस खेल के जरिये सरकार को सालभर में करीब सौ करोड़ रुपये के टैक्स का चूना लगा दिया। मामला पकड़ में आने के बाद इसकी जांच एसआईटी लखनऊ को दे दी गई थी।
टपरी डिस्टिलरी से निकला शराब से भरा ऐसा ही एक ट्रक बारादरी थाने के हरूनगला में पकड़ा गया। तब टपरी डिस्टिलरी के एमडी प्रणय अनेजा पर शराब भिजवाने का आरोप लगा था। तब अनेजा ग्रुप से जुड़े शराब ठेकेदार मनोज जायसवाल, भाई नीरज जायसवाल और उन्नाव के गोदाम का मालिक अजय जायसवाल आदि पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
बताया गया कि संबंधित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त करने वाला खुद ही जिम्मेदार होगा। इस बारे में किसी का कोई दावा या आपत्ति हो तो तय अवधि के दौरान संबंधित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है।