{"_id":"69ee3a9396a8ee093a047a34","slug":"bulandshahr-triple-murder-grandfather-said-eldest-son-died-three-years-ago-now-younger-son-and-grandson-2026-04-26","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बुलंदशहर ट्रिपल मर्डर: अप्रैल बना काल, तीन साल पहले बड़ा बेटा खोया; अब छोटा और पोता भी; ऐसे शुरू हुई दुश्मनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुलंदशहर ट्रिपल मर्डर: अप्रैल बना काल, तीन साल पहले बड़ा बेटा खोया; अब छोटा और पोता भी; ऐसे शुरू हुई दुश्मनी
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
Published by: विकास कुमार
Updated Sun, 26 Apr 2026 09:56 PM IST
सार
रोते हुए सरूप सैनी ने बताया कि घर के अंदर जाने से भी दिल नहीं करता, मेरे दोनों कलेजे के टुकड़े चले गए। जिस पोते को गोदी में लेकर घूमता था अब उसकी अर्थी तैयार करनी पड़ रही है। इससे अभागा कौन दादा व पिता हो सकता है।
अप्रैल का महीना सरूप सैनी के परिवार के लिए काल बनकर टूट रहा है। तीन साल पहले 29 अप्रैल 2023 को बड़े बेटे राजीव की मौत हो गई थी। अभी परिवार उस सदमे से उबरा भी नहीं था कि अब छोटे बेटे अमरदीप, पोते आकाश और भतीजे मनीष की हत्या कर दी गई। रोते बिलखते सरूप सैनी बार-बार इन बातों को दोहराते हुए बेसुध हो रहे हैं। उनकी यह हालत देख मौजूद हर कोई उन्हें ढांढस बंधा रहा है।
Trending Videos
2 of 12
गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सरूप बोले- परिवार को लगी नजर
सरूप सैनी ने बताया कि उनका हंसता खेलता परिवार था, जिसको नजर लग गई। उनके पिता लटलू सैनी के पांच बेटे थे, जिनके एक ही साथ घर हैं। सरूप सैनी के छह बच्चे थे जिसमें चार बेटी रेखा, पूनम, कविता व राधा हैं और दो बेटे राजीव सैनी और अमरदीप (35) थे। राजीव सैनी के तीन बेटे हैं, जिसमें सबसे बड़ा बादल फिर आकाश (20) और वंश है।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 12
गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कब हुई किसकी मौत
वर्ष 2019 में सरूप सैनी के छोटे भाई की मौत हो गई, इसके बाद कोरोना काल में चौथे नंबर के भाई की मौत हो गई। इसके बाद 29 अप्रैल 2023 को उनके बड़े बेटे राजीव ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिसमें उनकी जान चली गई।
4 of 12
अमरदीप
- फोटो : अमर उजाला
ठेकेदारी करता था अमरदीप
इसके बाद घर की जिम्मेदारी अमरदीप व राजीव, बेटे बादल व आकाश पर आ गई। अमरदीप पास में स्थित पॉटरी फैक्टरी में ठेकेदारी करने लगे और बादल हापुड़ में स्थित पोस्टर बनाने वाली कंपनी में नौकरी करने लगे। पिता की मौत के बाद आकाश ने 12वीं तक की पढ़ाई की और फिर पॉटरी फैक्टरी में ठेकेदारी में लग गया। घर पर आर्थिक बोझ बढ़ता चला गया तो आकाश ने अपने कमाने की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन अब सब कुछ उजड़ गया।
विज्ञापन
5 of 12
गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
मेरे कलेजे के टुकड़े चले गए
रोते हुए सरूप सैनी ने बताया कि घर के अंदर जाने से भी दिल नहीं करता, मेरे दोनों कलेजे के टुकड़े चले गए। जिस पोते को गोदी में लेकर घूमता था अब उसकी अर्थी तैयार करनी पड़ रही है। इससे अभागा कौन दादा व पिता हो सकता है। अब घर में सरूप सैनी, उनकी पत्नी इंद्रादेवी, राजीव की पत्नी सविता, अमरदीप की पत्नी सिमरन, अमरदीप का एक बेटा व बेटी और राजीव का बेटा वंश सभी की जिम्मेदारी अकेले बादल पर आ गई है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X