{"_id":"6a51b61397197abe7d0ad99b","slug":"death-sentence-for-viraj-in-brutal-murder-of-toddler-aarav-2026-07-11","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आरव हत्याकांड की पूरी कहानी: 27 सेकंड में 8 बार सड़क पर पटका, दरिंदे के हाथ भी न कांपे; कोर्ट ने सुनाई फांसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरव हत्याकांड की पूरी कहानी: 27 सेकंड में 8 बार सड़क पर पटका, दरिंदे के हाथ भी न कांपे; कोर्ट ने सुनाई फांसी
Sat, 11 Jul 2026 09:43 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 11 Jul 2026 09:43 AM IST
सार
शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के आरव की निर्मम हत्या के दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को जिला जज की अदालत ने फांसी और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सीसीटीवी फुटेज और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इसे दुर्लभतम श्रेणी का अपराध माना।
विज्ञापन
आरव हत्याकांड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में 30 मई 2026 की दोपहर डेढ़ साल के मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक निवासी बदायूं को शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई गई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वारदात के 41वें दिन जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत से इस सजा का एलान हुआ।
मासूम की हत्या का सीसीटीवी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह घटना दुर्लभ से दुर्लभतम और बेहद जघन्य श्रेणी की है, जिसमें अपराधी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जा सकता। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस उसे दोबारा जेल ले गई। कोर्ट परिसर में मौजूद मृत मासूम आरव की नानी पिंकी देवी ने इस फैसले पर खुशी जताई।
मासूम का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विराज ने मायके और ससुराल की अनबन का उठाया था फायदा
मूल रूप से अरांव के गांव बामई निवासी रति शर्मा की शादी फरवरी 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी। पति से अनबन के कारण रति जनवरी 2026 से अपने मायके में रह रही थी। 30 मई को पति पर कानूनी कार्रवाई की सलाह लेने के लिए शिकोहाबाद में एक अधिवक्ता से मिलने अपनी मां पिंकी देवी के साथ गई थी। अधिवक्ता ने पांच बजे मिलने का समय दिया था, तो वह मां के साथ अपनी मुंह बोली मौसी के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी स्थित घर चली गई थी।
ये भी पढ़ें - UP: मासूम आरव हत्याकांड में बड़ा फैसला, बेरहम कातिल विराज को फांसी; सजा सुनते ही रो पड़ा
मूल रूप से अरांव के गांव बामई निवासी रति शर्मा की शादी फरवरी 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी। पति से अनबन के कारण रति जनवरी 2026 से अपने मायके में रह रही थी। 30 मई को पति पर कानूनी कार्रवाई की सलाह लेने के लिए शिकोहाबाद में एक अधिवक्ता से मिलने अपनी मां पिंकी देवी के साथ गई थी। अधिवक्ता ने पांच बजे मिलने का समय दिया था, तो वह मां के साथ अपनी मुंह बोली मौसी के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी स्थित घर चली गई थी।
ये भी पढ़ें - UP: मासूम आरव हत्याकांड में बड़ा फैसला, बेरहम कातिल विराज को फांसी; सजा सुनते ही रो पड़ा
विज्ञापन
विज्ञापन
दोषी विराज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहां सुमित का फुफेरा भाई विराज उर्फ जितेंद्र पाठक आ गया और रति को अपनी बातों में फंसाने लगा। विराज ने रति के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे रति ने ठुकरा दिया था। शादी से इन्कार पर बौखलाए विराज ने खौफनाक साजिश रची। डेढ़ साल के मासूम बेटे आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ बाहर ले गया। घर से महज 50 मीटर दूर सुनसान सड़क पर ले जाकर दरिंदे ने रति से अपना बदला लेने के लिए मासूम आरव को 27 सेकंड के भीतर लगातार 8 बार पक्की सड़क पर बेरहमी से पटक-पटककर मार डाला।
ये भी पढ़ें - UP: 'नरपिशाच पर नरमी बरती तो...' कोर्ट ने सुनाई सजा-ए-मौत, मासूम आरव का कातिल जड़ने लगा खुद के चेहरे पर थप्पड़
ये भी पढ़ें - UP: 'नरपिशाच पर नरमी बरती तो...' कोर्ट ने सुनाई सजा-ए-मौत, मासूम आरव का कातिल जड़ने लगा खुद के चेहरे पर थप्पड़
विज्ञापन
दोषी विराज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुठभेड़ में हुई थी गिरफ्तारी
रूह कंपा देने वाली यह वारदात सड़क पर लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जो कोर्ट में सबसे बड़ा और साक्ष्य साबित हुआ। वारदात के बाद आरोपी बच्चे के शव को घर के दरवाजे पर फेंककर भाग गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के कुछ ही घंटों बाद रात में मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मुठभेड़ के दौरान पैर में पुलिस की गोली लगने से वह घायल हुआ था।
ये भी पढ़ें - थार में हथियारों का जखीरा: 11 ऑटोमैटिक पिस्टल और मैगजीन बरामद, फर्जी नंबर प्लेट भी मिलीं; दो तस्कर दबोचे
रूह कंपा देने वाली यह वारदात सड़क पर लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जो कोर्ट में सबसे बड़ा और साक्ष्य साबित हुआ। वारदात के बाद आरोपी बच्चे के शव को घर के दरवाजे पर फेंककर भाग गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के कुछ ही घंटों बाद रात में मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मुठभेड़ के दौरान पैर में पुलिस की गोली लगने से वह घायल हुआ था।
ये भी पढ़ें - थार में हथियारों का जखीरा: 11 ऑटोमैटिक पिस्टल और मैगजीन बरामद, फर्जी नंबर प्लेट भी मिलीं; दो तस्कर दबोचे