सब्सक्राइब करें

UP: 'चलो सब कुछ बेचकर नेपाल बस जाते हैं, बेटी की गुहार भी रही बेअसर; शिकोहाबाद हत्या और खुदकुशी कांड की कहानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिकोहाबाद Published by: विकास कुमार Updated Sun, 14 Jun 2026 05:04 PM IST
सार

फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में कांग्रेस के पूर्व विधायक स्व. जगदीश सिंह यादव के बेटे राकेश यादव (73) ने शनिवार रात अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पत्नी राममूर्ति (68) को गोली मार अपने सिर में भी गोली मार ली। उनकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि पत्नी ने ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ा।

विज्ञापन
Shikohabad murder suicide case story of Rakesh Yadav and Rammurti Yadav
former mla son suicide - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

मैंने पापा को बहुत समझाया था... वो मुकदमे और बदनामी से इस कदर टूट चुके थे कि उनका दिल शिकोहाबाद में नहीं लग रहा था। मैंने उनसे यहां तक कह दिया था कि पापा, आप परेशान मत हो, हम शिकोहाबाद की ये कोठी और अपनी सभी संपत्तियां बेच देंगे और ये देश छोड़कर नेपाल जाकर हमेशा के लिए बस जाएंगे। वहां हमें कोई नहीं जानेगा, कोई ताना नहीं मारेगा... मगर पापा ने मेरी एक न सुनी और हमेशा के लिए हमें छोड़कर चले गए।

Shikohabad murder suicide case story of Rakesh Yadav and Rammurti Yadav
मां की हत्या और पिता की खुदकुशी के बाद जानकारी देतीं बेटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

कोर्ट से आकर पापा ने नहीं खाया खाना
शनिवार रात सुभाष तिराहा स्थित आवास पर जब फॉरेंसिक टीम और पुलिस जांच कर रही थी, तब राकेश यादव की बड़ी बेटी गरिमा रो-रोकर वहां मौजूद हर शख्स को अपनी वही आखिरी बातचीत बता रही थी, जो उसने अपने पिता को अवसाद से निकालने के लिए की थी। गरिमा ने बताया कि शनिवार शाम को जब राकेश यादव कोर्ट की तारीख से लौटे, तो वह बेहद गुमसुम थे। खाना भी नहीं खाया था।

Shikohabad murder suicide case story of Rakesh Yadav and Rammurti Yadav
राकेश यादव की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

मुकदमे के बाद से छोड़ दिया था पैतृक गांव, बेटियों के साथ रहने लगे थे
इस घटना ने न केवल दो जिंदगियों को खत्म किया। बल्कि एक हंसते-खेलते और उच्च शिक्षित परिवार को भी पल भर में उजाड़ कर रख दिया। मुकदमे की विधिक कार्रवाई और सामाजिक बदनामी के डर से राकेश इस कदर टूट चुके थे कि उन्होंने अपना पैतृक गांव डाहिनी तक छोड़ दिया था और इस संकट की घड़ी में उन्होंने अपनी शादीशुदा बेटियों को भी अपने पास ही रख लिया था, ताकि परिवार एक साथ रहकर इस विधिक लड़ाई का सामना कर सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
Shikohabad murder suicide case story of Rakesh Yadav and Rammurti Yadav
हत्या और खुदकुशी के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

परिवार में कौन क्या करता है?
राकेश यादव की बड़ी बेटी गरिमा यादव की ससुराल सिरसागंज में है और उनके पति पेशे से प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं। वहीं, उनकी छोटी बेटी प्रतिमा यादव शिक्षा विभाग में सरकारी शिक्षिका हैं, जो वर्तमान में कुटुकपुर बरियार मऊ के सरकारी स्कूल में तैनात हैं। प्रतिमा यादव के पति यानी राकेश यादव के छोटे दामाद विवेक यादव भी शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं और वह धनपुरा में सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

विज्ञापन
Shikohabad murder suicide case story of Rakesh Yadav and Rammurti Yadav
हत्या और खुदकुशी के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

बराबर के घर में रहती हैं सगी बहन, चीख सुनकर दौड़ा भांजा
राकेश यादव ने शिकोहाबाद में जिस घर में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, ठीक उसी मकान के बराबर में उनकी सगी बहन सुमन यादव का भी घर है। सुमन यादव अपने बेटे गौरव (राकेश यादव के भांजे) के साथ वहां रहती हैं। शनिवार रात करीब 9:30 बजे जब राकेश के कमरे से गोलियां चलीं और बेटियों की चीख-पुकार गूंजी, तो बराबर के मकान से बहन सुमन और भांजा गौरव भी बदहवास हालत में दौड़कर मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था और राकेश यादव दम तोड़ चुके थे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed