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UP: कूटरचित दस्तावेज और 2.60 लाख की कृषि आय गबन का था आरोप, शिकोहाबाद हत्या और खुदकुशी मामले में बड़ा खुलासा

अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 14 Jun 2026 02:38 PM IST
सार

फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में कांग्रेस के पूर्व विधायक स्व. जगदीश सिंह यादव के बेटे राकेश यादव (73) ने शनिवार रात अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पत्नी राममूर्ति (68) को गोली मार अपने सिर में भी गोली मार ली। उनकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि पत्नी ने ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ा।

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There were allegations of forged documents and misappropriation of agricultural income amounting to ₹2.60 lakh
राकेश यादव और पत्नी राममूर्ति की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के आदर्श कृष्ण (एके) इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक राकेश यादव की दुखद मौत के पीछे जिस कानूनी शिकंजे की बात सामने आ रही है। उन पर मई 2025 में कोर्ट के आदेश पर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। रिश्ते में उनके भतीजे डाहिनी निवासी राहुल यादव की शिकायत पर पुलिस ने राकेश यादव के खिलाफ कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार करने, वित्तीय अनियमितताएं बरतने और कॉलेज के धन का दुरुपयोग करने की गंभीर धाराओं में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया था।


मुकदमे के अनुसार, राकेश यादव पर कॉलेज की कृषि भूमि से हर साल होने वाली 2 लाख 60 हजार रुपये की सरकारी आय का रिकॉर्ड गायब करने और कॉलेज के बैंक खातों से अलग-अलग समय में लाखों रुपये निकालकर गबन करने का गंभीर आरोप था।

There were allegations of forged documents and misappropriation of agricultural income amounting to ₹2.60 lakh
हत्या और खुदकुशी के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी मुकदमे की कानूनी विधिक कार्रवाई और सामाजिक बदनामी के डर ने अंततः इस दुखद घटना का रूप ले लिया। इसके अलावा शिकायतकर्ता का आरोप था कि राकेश यादव ने कूट रचित दस्तावेज तैयार किए और जालसाजी के सहारे अवैध रूप से कॉलेज के प्रबंधक बन बैठे।
There were allegations of forged documents and misappropriation of agricultural income amounting to ₹2.60 lakh
मां की हत्या और पिता की खुदकुशी के बाद जानकारी देतीं बेटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकंद प्रसाद ने 15 मई 2021 को पत्र भेजकर 18 जनवरी 2021 को हुए निर्वाचन से जुड़े मूल विधिक अभिलेख मांगे थे लेकिन राकेश यादव ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए थे। शिकायतकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत डीआईओएस कार्यालय से जानकारियां निकालीं थीं। इसके बाद विभाग द्वारा कराई गई उच्च स्तरीय जांच की रिपोर्ट 20 मई 2024 को सामने आई, जिसमें पूर्व प्रबंधक को फर्जी दस्तावेज तैयार कर अनुचित लाभ लेने और कॉलेज के खातों में हेराफेरी करने का दोषी पाया गया था।
 
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हत्या और खुदकुशी के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता के खिलाफ रची गई बड़ी साजिश, बेटी का गंभीर आरोप
मृतक पूर्व प्रबंधक राकेश यादव की बड़ी बेटी गरिमा ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी सियासी और व्यक्तिगत साजिश करार दिया। गरिमा ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उन्हें इस आत्मघाती कदम को उठाने के लिए मजबूर किया गया और इस प्रताड़ना के पीछे क्षेत्र के बड़े राजनीतिक रसूखदारों का हाथ है।

 
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हत्या और खुदकुशी मामले की जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गरिमा ने पुलिस और मीडिया के सामने कहा, मेरे पिता को चारों तरफ से घेरकर प्रताड़ित करने में विरोधियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। शिकोहाबाद क्षेत्र के ही एक पूर्व विधायक इस पूरे मामले में सक्रिय थे। वह लगातार हमारे खिलाफ और विरोधी पक्ष के समर्थन में थानों से लेकर कोर्ट तक पैरवी कर रहे थे। उन्हीं के दबाव और शह के कारण हमारे पक्ष को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया था।

 
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