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इन 5 बॉलीवुड फिल्मों की वजह से आज भी 'आजाद' और सबके दिलों में जिंदा हैं पंडित चंद्रशेखर तिवारी

Mon, 23 Jul 2018 04:45 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 23 Jul 2018 04:45 PM IST
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Chandra Shekhar Azaad Birthday special story
चंद्रशेखर आजाद जन्मदिवस विशेष
चंद्रशेखर 'आजाद' और भगत सिंह आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन युवाओं के लिए आज भी ये दोनों महान क्रांतिकारी असली हीरो और रोल मॉडल हैं। इसकी वजह थी उनका देश की मिट्टी और आजादी को लेकर जुनून। यही वजह रही कि इन दोनों क्रांतिकारियों के जीवन को बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री ने बार-बार अलग-अलग अंदाज में पेश किया। चंद्रशेखर आजाद  (July 23, 1906 - 27 February 1931) के जन्मदिन के मौके पर आज हम आपको बता रहे हैं कि किन-किन बॉलीवुड फिल्मों के जरिए देश में आज भी जीवित हैं 'आजाद'। 

जानिए चंद्रशेखर आजाद के बारे में...
सन् 1922 में गाँधीजी द्वारा असहयोग आन्दोलन को अचानक बन्द कर देने के कारण उनकी विचारधारा में बदलाव आया और वे क्रान्तिकारी गतिविधियों से जुड़ कर हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसियेशन के सक्रिय सदस्य बन गये। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में पहले 9 अगस्त 1925 को काकोरी काण्ड किया और फरार हो गये। इसके बाद सन् 1927 में 'बिस्मिल' के साथ 4 प्रमुख साथियों के बलिदान के बाद उन्होंने उत्तर भारत की सभी क्रान्तिकारी पार्टियों को मिलाकर एक करते हुए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन ऐसोसियेशन का गठन किया तथा भगत सिंह के साथ लाहौर में लाला लाजपत राय की मौत का बदला सॉण्डर्स का हत्या करके लिया एवं दिल्ली पहुँच कर असेम्बली बम काण्ड को अंजाम दिया। 27 फरवरी 1931 के दिन इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजों से मुठभेड़ के दौरान आजाद अपना बलिदान कर शहीद हो गए थे। आजाद का जन्म मध्य प्रदेश के भाबरा गांव (अब आजाद नगर) में 23 जुलाई 1906 को हुआ था। उनके पिता पंडित सीताराम तिवारी अकाल के समय उत्तर प्रदेश के अपने पैतृक निवास उन्नाव बदरका को छोड़कर पहले कुछ दिनों मध्य प्रदेश अलीराजपुर रियासत में नौकरी करते रहे, फिर जाकर भाबरा गांव में बस गए। यहीं चंद्रशेखर का बचपन बीता।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- ‘शहीद’ फिल्म से मनमोहन को मिली बड़ी सफलता..........
 
Chandra Shekhar Azaad Birthday special story
चंद्रशेखर आजाद जन्मदिवस विशेष
साल 1965 में आई फिल्म शहीद ने भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम को पर्दे पर जिंदा कर दिया। भगत सिंह के जीवन पर 1965 में बनी यह देशभक्ति की सर्वश्रेष्ठ फिल्म रही। जिसकी कहानी स्वयं भगत सिंह के साथी बटुकेश्वर दत्त ने लिखी थी। इस फ़िल्म में अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल के गीत थे। बॉलीवुड अभिनेता मनोज कुमार ने इस फिल्म में शहीद भगत सिंह का जीवन्त अभिनय किया था। इस फिल्म में चंद्रशेखर आजाद का किरदार मनमोहन ने निभाया। जमशेदपुर में जन्मे मनमोहन को इस फिल्म से बड़ी सफलता हाथ लगी थी। 
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- 'दि लेजंड अॉफ भगत सिंह' में अखिलेन्द्र मिश्रा बने आजाद...
 
Chandra Shekhar Azaad Birthday special story
चंद्रशेखर आजाद जन्मदिवस विशेष
2002 में रिलीज़ हुई फिल्म 'दि लिजंड अॉफ भगत सिंह'  जिसे राजकुमार संतोषी ने डायरेक्ट किया था। इसमें अजय देवगन ने भगत सिंह का प्रभावी किरदार निभाया था।  इस फिल्म को दो देशीय पुरस्कारों से सम्मानित किय गया था। उनमें से एक पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म देशीय पुरस्कार था। इन पुरस्कारों के अलावा, द लिजंड ऑफ भगत सिंह ने तीन फिलमफेयर पुरस्कार भी जीते थे। इस फिल्म में चंद्रशेखर आजाद की भूमिका मशहूर कलाकार अखिलेन्द्र मिश्रा ने निभाया था।  

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः-'शहीद-ए-अाजम' में राज जुत्सी थे आजाद...
 
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Chandra Shekhar Azaad Birthday special story
चंद्रशेखर आजाद जन्मदिवस विशेष
फिल्म 'शहीद-ए-अाजम' 2002 में ही रिलीज़ हुई थी जिसे सुकुमार नायर ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में भगत सिंह का किरदार सोनू सूद ने निभाया था। फिल्म में चंद्रशेखर आजाद की भूमिका में राज जुत्सी और राजगुरू की भूमिका में देव गिल दिखाई दिए थे। श्रीनगर में जन्मे राज जुत्सी ने इस फिल्म से बॉलीवुड में धमाल मचा दिया था। 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः-‘रंग दे बसंती’ में चंद्रशेखर बने आमिर ने भर दिया जोश...
 
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चंद्रशेखर आजाद जन्मदिवस विशेष
2006 में रिलीज़ हुई फिल्म रंग दे बसंती फिल्म में चंद्रशेखर आजाद के रोल में आमिर ख़ान दिखाई देते हैं वहीं भगत सिंह का रोल सिद्धार्थ नारायण करते नज़र आते हैं। वहीं राम प्रसाद बिस्मिल का किरदार अतुल कुलकर्णी निभाते हैं। फिल्म को राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने डायरेक्ट किया था। आमिर ने इस फिल्म के जरिए युवाओं में जोश भर दिया था। 
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः-‘23 मार्च 1931’सनी बने चंद्रशेखर आजाद, ऐसे किया कमाल...
 
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