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अपनों ने उजाड़ा बेटी की मांग का सिंदूर, सिपाही ने सुसाइड नोट में लिखा- 'अपने बाबू के बिना अब सांस नहीं लेना चाहती'...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 14 Sep 2020 07:38 PM IST
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पति की हत्या के बाद महिला सिपाही ने किया सुसाइड
- फोटो : अमर उजाला
पति की हत्या के बाद से तन्हा जी रही महिला सिपाही ने गुरुवार रात मौत को गले लगा लिया। उसने गाजीपुर के लोहटा स्थित ममिया ससुर के घर में फांसी लगाकर जान दे दी। इसी के साथ बचपन की एक प्रेम कहानी का दुखद अंत भी हो गया। महिला सिपाही ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा था।
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रिंकी की शादी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सुसाइड नोट में लिखा कि - मैं अपने बाबू के बगैर इस दुनिया में सांस भी नहीं लेना चाहती। हमभी अपने बाबू के पास जा रहे हैं, क्योंकि ये दुनिया इंसानों के रहने के लायक नहीं है...। महिला सिपाही ने यह भी लिखा कि हम एक बेटा देकर जा रहे हैं। इसे इंजीनियर बनाना साथ ही इसे इसके पापा जैसा अच्छा इंसान भी बनाना।
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गमगीन बैठे परिजन
- फोटो : अमर उजाला
महिला सिपाही की आत्महत्या की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महिला पांच माह के बेटे शिवाय की जिम्मेदारी मनीष के छोटे भाई को सौंप गईं है। पोस्टमार्टम के बाद महिला सिपाही रिंकी के शव को उसकी गौसपुर स्थित ससुराल ले जाया गया।
गमगीन बैठे परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कुछ देर शव को यहां रोककर पति मनीष के बाग में ले जाया गया और उसी स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया जहां मनीष का हुआ था। सुसाइड नोट में रिंकी ने ऐसा करने की इच्छा जाहिर की थी। उधर, पांच माह के बेटे शिवाय का मां के बिना रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। हर कोई उसे चुप कराने का प्रयास कर रहा था।
रिंकी के मायके पक्ष से कोई भी उसके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। देवर मंदीप ने उसे मुखाग्नि दी। शाम करीब पांच बजे रिंकी के शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके गौसपुर स्थित ससुराल में ले जाया गया। शव पहुंचते ही चीख पुकार मच गई और लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
रिंकी के मायके पक्ष से कोई भी उसके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। देवर मंदीप ने उसे मुखाग्नि दी। शाम करीब पांच बजे रिंकी के शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके गौसपुर स्थित ससुराल में ले जाया गया। शव पहुंचते ही चीख पुकार मच गई और लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
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पिता ने की थी दामाद की हत्या, काली टी शर्ट में मनीष और रिंकी
- फोटो : amar ujala
मां को देखते ही रो पड़ा पांच माह का शिवाय
पांच माह का शिवाय हर वक्त मां के साथ रहता था। जब उसे मां के अंतिम दर्शन के लिए पास ले जाया गया तो उसने मां को देख अपनी बाहें खोल दी, लेकिन इस बार अपने लाल के लिए मां अपनी बांहें नहीं खोल सकी। यह नजारा देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। रिंकी का ससुराल के बगल में ही मायका है। लेकिन मनीष की हत्या के बाद से रिंकी के घर के सभी लोग लापता हैं। उम्मीद थी कि रिंकी की मां तो कम से कम आएगी लेकिन वह भी नहीं आईं।
पांच माह का शिवाय हर वक्त मां के साथ रहता था। जब उसे मां के अंतिम दर्शन के लिए पास ले जाया गया तो उसने मां को देख अपनी बाहें खोल दी, लेकिन इस बार अपने लाल के लिए मां अपनी बांहें नहीं खोल सकी। यह नजारा देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। रिंकी का ससुराल के बगल में ही मायका है। लेकिन मनीष की हत्या के बाद से रिंकी के घर के सभी लोग लापता हैं। उम्मीद थी कि रिंकी की मां तो कम से कम आएगी लेकिन वह भी नहीं आईं।
