{"_id":"699ec06c204153fbc5061727","slug":"lucknow-murder-manvendra-had-gone-to-lucknow-25-years-ago-villagers-also-revealed-many-big-secrets-2026-02-25","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UP: '25 साल पहले ही लखनऊ चले गए थे मानवेंद्र', ग्रामीणों ने कई और बड़े राज भी खोले; बेटे ने कत्ल कर किए टुकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: '25 साल पहले ही लखनऊ चले गए थे मानवेंद्र', ग्रामीणों ने कई और बड़े राज भी खोले; बेटे ने कत्ल कर किए टुकड़े
अमर उजाला नेटवर्क, जालौन
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 25 Feb 2026 03:09 PM IST
सार
मूल रूप से जालौन जिले के उदोतपुरा के रहने वाले कारोबारी मानवेंद्र सिंह करीब 25 वर्ष पूर्व पढ़ाई के सिलसिले में लखनऊ चले गए थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद मानवेंद्र ने लखनऊ को ही स्थायी ठिकाना बना लिया।
विज्ञापन
Lucknow murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
लखनऊ में हुई एक हृदयविदारक घटना ने जालौन के कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उदोतपुरा को गहरे शोक में डुबो दिया है। राजधानी के आशियाना क्षेत्र के सेक्टर एल-91 में रहने वाले शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की चार दिन पूर्व उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पैतृक गांव में स्तब्धता और मातम का माहौल छा गया।
Trending Videos
शराब कारोबारी हत्या के बाद पुलिस को मौके पर लेकर जाता आरोपी बेटा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं उनका विवाह हुआ और उन्होंने पैथोलॉजी के क्षेत्र में काम शुरू किया। जानकारी के अनुसार, राजधानी में उनके लगभग एक दर्जन पैथोलॉजी सेंटर संचालित थे। बाद में वह शराब के कारोबार से भी जुड़ गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद गमगीन परिजन
- फोटो : शुभम बंसल
'मानवेंद्र का गांव आना-जाना बेहद कम हो गया था'
वर्ष 2017 में उनकी पत्नी का निधन हो गया था। परिवार में बेटा अक्षत प्रताप सिंह और एक बेटी उनके साथ रहते थे। ग्रामीणों के अनुसार, मानवेंद्र का गांव आना-जाना बेहद कम हो गया था। लगभग दो वर्ष पहले वह एक पारिवारिक कार्यक्रम में गांव आए थे।
वर्ष 2017 में उनकी पत्नी का निधन हो गया था। परिवार में बेटा अक्षत प्रताप सिंह और एक बेटी उनके साथ रहते थे। ग्रामीणों के अनुसार, मानवेंद्र का गांव आना-जाना बेहद कम हो गया था। लगभग दो वर्ष पहले वह एक पारिवारिक कार्यक्रम में गांव आए थे।
शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद आरोपी बेटे को घर लाती पुलिस
- फोटो : शुभम बंसल
'सभी से आत्मीयता से मिलते-जुलते थे'
गांव में उनका बचपन बीता था। लोग उन्हें मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का बताते हैं। जब भी आते, सभी से आत्मीयता से मिलते-जुलते थे। ग्रामीणों ने बताया कि अक्षत प्रताप सिंह का गांव में आना बहुत कम हुआ। चार-पांच वर्ष पूर्व वह कुछ समय के लिए गांव आया था।
गांव में उनका बचपन बीता था। लोग उन्हें मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का बताते हैं। जब भी आते, सभी से आत्मीयता से मिलते-जुलते थे। ग्रामीणों ने बताया कि अक्षत प्रताप सिंह का गांव में आना बहुत कम हुआ। चार-पांच वर्ष पूर्व वह कुछ समय के लिए गांव आया था।
विज्ञापन
शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'गांव के बच्चों के साथ खेलते-कूदते उसे देखा गया था'
उस समय उसकी उम्र कम थी और वह पढ़ाई में मेधावी प्रतीत होता था। गांव के बच्चों के साथ खेलते-कूदते उसे देखा गया था। नौ फरवरी को सुरेंद्र पाल सिंह राजावत द्वारा गांव में भागवत कथा का आयोजन कराया गया था।
उस समय उसकी उम्र कम थी और वह पढ़ाई में मेधावी प्रतीत होता था। गांव के बच्चों के साथ खेलते-कूदते उसे देखा गया था। नौ फरवरी को सुरेंद्र पाल सिंह राजावत द्वारा गांव में भागवत कथा का आयोजन कराया गया था।
