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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के गड्ढों में डूबकर दो बच्चों की मौत, परिजनों का हाल देख रोई हर आंख

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 29 Sep 2020 07:23 PM IST
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Two children died by drowning in the pits of Bundelkhand Expressway
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए खोदे गए इसी गड्ढे में डूबकर मरे दोनों बच्चे - फोटो : अमर उजाला
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण कर रही कार्यदाई संस्था यूपीडा से निर्धारित कंपनियां और ठेकेदारों की लापरवाही से दो बालकों की जान चली गई। एक्सप्रेस-वे के लिए खोदी गई मिट्टी के गहरे गड्ढों में भरे पानी से बच्चों की डूबकर मौत हो गई। दोनों बच्चे अपने मवेशी चराने गए थे तभी यह हादसा हुआ।


घटना बिसंडा थाना क्षेत्र के पवई गांव की है। यहां निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए कार्यदाई संस्था यूपीडा यूपीडा से निर्धारित कंपनियों ने खेतों से भारी मात्रा में मिट्टी निकाली है। खुदाई से कई-कई मीटर गहरे और लंबे-चौड़े गड्ढे बन गए हैं। भरपूर हुई बारिश से यह लबालब भरे हुए हैं।
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Two children died by drowning in the pits of Bundelkhand Expressway
बच्चों की मौत से शोकग्रस्त परिजन - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को सुबह पवई गांव के श्याम सिंह का 11 वर्षीय पुत्र शिवम और इसी गांव के प्रमोद विश्वकर्मा का आठ वर्षीय पुत्र छोटू एक साथ घर की भैंस चराने गए थे। निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के बगल में गड्ढों में गहरा पानी भरा है। ग्रामीणों के मुताबिक, पैर फिसलने से दोनों बच्चे गहरे पानी के गड्ढे में जा गिरे और डूब गए।
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Two children died by drowning in the pits of Bundelkhand Expressway
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के गड्ढों में डूबकर दो बच्चों की मौत - फोटो : अमर उजाला
कुछ ही देर बाद एक्सप्रेस-वे निर्माण में लगे मजदूरों की नजर पड़ी तो वह दौड़े और दोनों को पानी से बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। दोनों को बिसंडा पीएचसी लाया गया। यहां डाक्टरों ने दोनों की मौत की पुष्टि कर दी। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एक साथ दो मासूमों की मौत से पवई गांव में जहां परिजनों में मातम छा गया वहीं गांव में भी शोक व्याप्त रहा। साथ ही ग्रामीणों में एक्सप्रेस-वे में खोदे गए इन गड्ढों को लेकर रोष है।

 
Two children died by drowning in the pits of Bundelkhand Expressway
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए खोदा गया गड्ढा - फोटो : अमर उजाला
खनिज विभाग से अनुमति बगैर हो रहा मिट्टी खनन
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में आसपास के खेतों से की जा रही बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई को लेकर स्वयंसेवियों ने सवाल उठाए हैं। खनिज विभाग का कहना है कि बांदा जनपद में मिट्टी खनन के लिए किसी फर्म, एजेंसी या कंपनी को पट्टा नहीं दिया गया है।
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Two children died by drowning in the pits of Bundelkhand Expressway
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के गड्ढों में डूबकर दो बच्चों की मौत - फोटो : अमर उजाला
स्वयंसेवी प्रमोद आजाद की मांगी गई आरटीआई सूचना में खनिज अधिकारी ने उपरोक्त जानकारी देने के साथ ही यह भी कहा है कि दो मीटर तक हस्तचालन विधि (बगैर मशीन) मिट्टी खनन के लिए प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती। उधर, दूसरी तरफ एक्सप्रेस-वे बना रही कार्यदाई संस्था यूपीडा से निर्धारित कंपनियां जगह-जगह भारी-भरकम मशीनों से गड्ढे खोद रही हैं। उधर, इस बाबत सदर तहसीलदार अवधेश कुमार निगम का कहना है कि कार्यदाई संस्था अपने स्तर पर किसानों से समझौता करके खुदाई करती है। यह भी बताया कि खनिज विभाग से खुदाई की अनुमति भी ली जाती है।
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