मुजफ्फरनगर में मोहम्मदपुर मॉडन निवासी बीएसएफ जवान विनोद कुमार का पार्थिव शरीर शुक्रवार को गांव आने पर परिजनों में कोहराम मच गया। जनप्रतिनिधियों एवं अफसरों के साथ ही आसपास के गांवों के लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अगली स्लाइडों में देखिए तस्वीरें-
...जब तक सूरज चांद रहेगा, विनोद तेरा नाम रहेगा, उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से दी अंतिम विदाई
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अंतिम यात्रा के दौरान भारत माता की जय के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। राजकीय सम्मान के साथ गांव के बाहर स्थित श्मशान में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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कश्मीर के डोडा जिले में तैनात बीएसएफ के जवान विनोद कुमार बुधवार की रात गोली लगने से शहीद हो गए थे। शुक्रवार सुबह 7.30 बजे उनका पार्थिव शरीर शालीमार एक्सप्रेस से मुजफ्फरनगर लाया गया। दिल्ली से आए बीएसएफ अधिकारी अपने वाहन से रेलवे स्टेशन से शहीद के पार्थिव शव को गांव तक लेकर गए।
वहीं शामली रोड स्थित लालूखेड़ी में बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के लोग जुटे थे। भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा, विनोद तेरा नाम रहेगा, के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
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जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता प्रेम सिंह, मां मूर्ति देवी, बहन सपना, रीना, भाई पंकज और सोनू समेत अन्य परिजनों का रोते हुए बुरा हाल हो गया। शहीद को श्रद्धांजलि देने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। करीब 11 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। भारी हुजूम के साथ गांव के बाहर तक शहीद की अंतिम यात्रा पर ग्रामीणों ने फूलों की वर्षा की।