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मेरठ सेंट्रल मार्केट: लखनऊ से आज पहुंचेगी टीम, अवैध निर्माण पर जल्द जारी होंगे नोटिस, व्यापारियों में चिंता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 13 Apr 2026 09:36 AM IST
सार
मेरठ के सेंट्रल मार्केट सीलिंग मामले में आज लखनऊ से आवास एवं विकास परिषद की टीम पहुंचेगी। अवैध निर्माण को लेकर 10-15 दिन के नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
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मेरठ सेंट्रल मार्केट
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के सेंट्रल मार्केट सीलिंग मामले में सोमवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के नियोजन विभाग की टीम आज लखनऊ से मेरठ पहुंचेगी। टीम के आगमन से छोटे भवनों और दुकानों को लेकर बने असमंजस के हालात साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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मेरठ सेंट्रल मार्केट
- फोटो : अमर उजाला
छोटे भूखंडों में सबसे बड़ी समस्या
नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत व्यावसायिक और आवासीय दोनों प्रकार के भवनों में सेटबैक छोड़ना अनिवार्य है। सेंट्रल मार्केट के सेक्टर-2 में स्थिति अधिक जटिल है, क्योंकि यहां कई मकान सिर्फ 25 मीटर और 38 मीटर के छोटे भूखंडों पर बने हुए हैं।
इनमें भूतल पर दुकानें संचालित होती हैं, जबकि ऊपर लोग रहते हैं। यदि नियमों के अनुसार सेटबैक छोड़ा गया तो अधिकांश दुकानों और मकानों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।
नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत व्यावसायिक और आवासीय दोनों प्रकार के भवनों में सेटबैक छोड़ना अनिवार्य है। सेंट्रल मार्केट के सेक्टर-2 में स्थिति अधिक जटिल है, क्योंकि यहां कई मकान सिर्फ 25 मीटर और 38 मीटर के छोटे भूखंडों पर बने हुए हैं।
इनमें भूतल पर दुकानें संचालित होती हैं, जबकि ऊपर लोग रहते हैं। यदि नियमों के अनुसार सेटबैक छोड़ा गया तो अधिकांश दुकानों और मकानों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।
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मेरठ सेंट्रल मार्केट
- फोटो : अमर उजाला
पुराने भवनों को लेकर भी चिंता
व्यापारियों की चिंता सिर्फ जगह कम होने तक सीमित नहीं है। सेंट्रल मार्केट के कई निर्माण करीब 35 से 40 साल पुराने हैं। छोटे दुकानदारों ने इन इमारतों को दोबारा बनाने के बजाय समय-समय पर केवल मरम्मत कराई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सेटबैक के लिए इन पुराने ढांचों में तोड़फोड़ की गई तो पूरी इमारत गिरने का खतरा भी बन सकता है।
व्यापारियों की चिंता सिर्फ जगह कम होने तक सीमित नहीं है। सेंट्रल मार्केट के कई निर्माण करीब 35 से 40 साल पुराने हैं। छोटे दुकानदारों ने इन इमारतों को दोबारा बनाने के बजाय समय-समय पर केवल मरम्मत कराई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सेटबैक के लिए इन पुराने ढांचों में तोड़फोड़ की गई तो पूरी इमारत गिरने का खतरा भी बन सकता है।
सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आज होगा तकनीकी मंथन
आवास एवं विकास परिषद के चीफ आर्किटेक्ट और टाउन प्लानर संजीव कश्यप अपनी टीम के साथ सोमवार को इस पूरे मामले पर मंथन करेंगे। टीम स्कीम नंबर-7 के जोनल प्लान और मौजूदा निर्माण की स्थिति का मिलान कर नियमों के अनुरूप फैसला लेगी।
यह भी पढ़ें: Meerut: बेगमपुल पर तेज रफ्तार बस का कहर, बाइक सवार परिवार को रौंदा, महिला की दर्दनाक मौत
आवास एवं विकास परिषद के चीफ आर्किटेक्ट और टाउन प्लानर संजीव कश्यप अपनी टीम के साथ सोमवार को इस पूरे मामले पर मंथन करेंगे। टीम स्कीम नंबर-7 के जोनल प्लान और मौजूदा निर्माण की स्थिति का मिलान कर नियमों के अनुरूप फैसला लेगी।
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सेंट्रल मार्केट में धरने पर महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
ध्वस्तीकरण के नोटिस भी हो सकते हैं जारी
इस बीच विभाग ने कानूनी कार्रवाई भी तेज कर दी है। 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त निर्देश दिए थे। अदालत ने आवास एवं विकास परिषद को आदेश दिया है कि अवैध निर्माण हटाने के लिए संबंधित लोगों को 10 से 15 दिन का नोटिस दिया जाए।
निर्धारित समय में यदि निर्माणकर्ता स्वयं अवैध हिस्सा नहीं हटाता है तो जिला प्रशासन द्वारा उसे ध्वस्त किया जाएगा। साथ ही ध्वस्तीकरण का खर्च भी संबंधित दुकानदार या मालिक से ही वसूला जाएगा।
माना जा रहा है कि नियोजन विभाग की टीम के सर्वे के साथ ही सोमवार से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है, जिससे सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों में चिंता का माहौल है।
इस बीच विभाग ने कानूनी कार्रवाई भी तेज कर दी है। 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त निर्देश दिए थे। अदालत ने आवास एवं विकास परिषद को आदेश दिया है कि अवैध निर्माण हटाने के लिए संबंधित लोगों को 10 से 15 दिन का नोटिस दिया जाए।
निर्धारित समय में यदि निर्माणकर्ता स्वयं अवैध हिस्सा नहीं हटाता है तो जिला प्रशासन द्वारा उसे ध्वस्त किया जाएगा। साथ ही ध्वस्तीकरण का खर्च भी संबंधित दुकानदार या मालिक से ही वसूला जाएगा।
माना जा रहा है कि नियोजन विभाग की टीम के सर्वे के साथ ही सोमवार से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है, जिससे सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों में चिंता का माहौल है।