एक्सयूवी व मर्सिडीज बेंज पर नीली बत्ती लगाकर और खुद को बड़ा अधिकारी बताकर जोया खान आसपास के लोगों पर रुतबा जमाया हुआ था। उसके रौब के चलते पुलिस वाले भी तिवारी कंपाउंड स्थित कोठी पर जाकर जोया को सैल्यूट करते थे। गुरुवार को जोया की पोल खुलने पर पुलिस के साथ लोग भी हैरान हैं। लोगों का कहना कि जोया आसपास के लोग पर अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करती थी।
ऐसे खुली फर्जी आईएफएस जोया खान की पोल, पुलिस भी करती थी सैल्यूट
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खुद को आईएफएस अधिकारी बताने वाली जोया खान की पोल गुरुवार को अमर उजाला ने खोली है। इसकी जानकारी लगते ही तिवारी कंपाउंड, भूसा मंडी व मछेरान के लोगों का जोया की कोठी पर तांता लगने लगा। लोगों ने बताया कि जोया खान लंबे समय से खुद को बड़ा अधिकारी होने की बात कहती थी। वह जब भी नीली बत्ती लगी एक्सयूवी या मर्सिडीज कार से तिवारी कंपाउंड पहुंचती थी, तो पीछे-पीछे सदर बाजार थाने की गाड़ी आती थी। आसपास के लोगों में भी जोया ने भ्रम बनाया हुआ था कि वह कोई भी कार्रवाई करा सकती है। जिसके चलते उसके सामने कोई बोलने को तैयार नहीं था। वह लोगों से गाली-गलौज तक करती थी। उसकी गिरफ्तारी से कई लोग खुश थे तो कई हैरान भी थे कि आखिर जोया खान ने इतने बड़े सिस्टम को कैसे धोखा दे दिया।
कोठी की तलाशी भी संभव
जोया खान के कनेक्शन कहां-कहां हैं, इसकी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस उसकी कोठी की तलाशी भी ले सकती है। जोया की गिरफ्तारी होने को लेकर शहर में अलग-अलग चर्चाएं हैं। गुरुवार को उसकी कोठी पर कोई नजर नहीं आया। लोगों की भीड़ लगने की जानकारी पर सदर बाजार पुलिस भी मौके पर गई थी। लेकिन कुछ देर बाद वापस लौट आई।
कंट्रोल रूम से आती थी कॉल
जोया खान सीधे थानेदार के सीयूजी नंबर पर कॉल करती थी। उन्हें हड़काकर पूछती थी कि एस्कॉर्ट कहां रह गई। थानेदार बोलते कि हमें तो कोई संदेश नहीं आया। तभी दो-तीन मिनट बाद कंट्रोल रूम से थानेदार के पास कॉल आती थी कि मैडम को एस्कॉर्ट मुहैया कराओ। दौराला, कंकरखेड़ा, सदर बाजार थाने से वह एस्कॉर्ट ले चुकी थी।
चीफ बताकर मांगती थी एस्कॉर्ट
जोया खान एसएसपी की ई-मेल आईडी पर मैसेज भेजकर एस्कार्ट मांगती थी। जोया की फर्जी आईडी संयुक्त राष्ट्र व सुरक्षा परिषद हेतु सिक्योरिटी चीफ के नाम से बनी थी। वह खुद को सिक्योरिटी का चीफ भी बताती थी। यह मैसेज जोया ने गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, मुरादाबाद, गुरुग्राम और अलीगढ़ एसएसपी को भेजना बताए हैं। मैसेज जाते ही पुलिस अधिकारी जोया को एस्कार्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दे देते थे। पुलिस जोया के लैपटॉप से जानकारी जुटाने में लगी है।