विकास: शहर में 25 साल बाद औद्योगिक क्षेत्र की उम्मीद, 44.129 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा नया औद्योगिक पार्क
मेरठ में करीब 25 वर्ष बाद नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने की उम्मीद जगी है। इटायरा गांव की 44.129 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी है और शासन ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।
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मेरठ शहर में करीब 25 वर्ष बाद नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की उम्मीद जगी है। इटायरा गांव में 44.129 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त हुए करीब तीन वर्ष हो चुके हैं। अब इस जमीन पर औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के साथ जरूरी सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। नए औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से मेरठ में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
इटायरा की जमीन पर छह महीने पहले हुई थी नाप
इटायरा गांव में प्रस्तावित जमीन की करीब छह महीने पहले नाप कराई जा चुकी है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरन ने शासन को पत्र भेजकर यहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की मांग की है।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव राजकुमार शर्मा के अनुसार, शासन की ओर से अब जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और अन्य जरूरी सर्वे कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए कई सुविधाओं को बताया उपयोगी
लघु उद्योग भारती के महामंत्री राजीव गोयल ने बताया कि इटायरा की भूमि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए काफी उपयोगी है। जमीन के बीच से एक नाला गुजरता है, जो काली नदी में जाकर मिलता है। ऐसे में जल निकासी की समस्या कम रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव बड़ी समस्या बना हुआ है।
बिजलीघर और ट्रांसपोर्ट नगर की नजदीकी से मिलेगा फायदा
प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के पास बड़ा बिजलीघर भी है। इससे यहां स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को बिजली आपूर्ति की सुविधा मिल सकती है। उपाध्यक्ष हिमांशु शर्मा और प्रियांशु शर्मा ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर भी इस क्षेत्र के नजदीक है।
इससे उद्योगों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों की ढुलाई आसान हो सकती है। उद्योग क्षेत्र विकसित होने से मेरठ में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
एक जून 2023 को 44.129 हेक्टेयर जमीन हुई थी कब्जा मुक्त
जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में बताया है कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार एक जून 2023 को राजस्व टीम ने इटायरा में 44.129 हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराया था। वर्तमान में यह जमीन खाली है और ग्राम सभा की अभिरक्षा में है। सर्किल रेट के आधार पर भूमि का अनुमानित मूल्य करीब 96.20 करोड़ रुपये है।
गृह विभाग और मेरठ विकास प्राधिकरण से भी आए थे प्रस्ताव
इस भूमि के आवंटन को लेकर पहले गृह विभाग और मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से भी प्रस्ताव आए थे, लेकिन शासन स्तर पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। दिसंबर 2025 में नए औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण के लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। अब औद्योगिक विकास विभाग से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद शासन स्तर पर यह तय किया जाना है कि भूमि उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण को आवंटित की जाए या नहीं।
400 बीघा अतिरिक्त जमीन की भी मांग
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के आसपास करीब 400 बीघा अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी की है। यदि अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होती है तो औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जा सकेगा और भविष्य में अधिक औद्योगिक इकाइयों को स्थान देने की संभावना बनेगी।