हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ मेरठ पूरी तरह कांवड़ यात्रा के रंग में रंगने लगा है। शहर की प्रमुख सड़कें, बाजार और चौराहे केसरिया रंग से सराबोर हैं। कांवड़ मार्गों पर 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया है। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ा दी है, जबकि मंडलायुक्त ने 12 अगस्त तक अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है।
Meerut: कांवड़ियों की बढ़ी रफ्तार, केसरिया रंग में रंगा शहर; 12 अगस्त तक मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अफसर
मेरठ में कांवड़ यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं। शहर में हर तरफ 'बम-बम भोले' गूंज रहा है। सोहराबगेट बस अड्डे पर बसों का दबाव बढ़ने के कारण बसें सड़कों पर खड़ी हैं, इससे जाम की स्थिति बन रही है। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर रूट डायवर्जन लागू है और 12 अगस्त तक अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
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कांवड़ मार्गों पर बढ़ी चहल-पहल, शिविरों की तैयारी तेज
मोदीपुरम बाईपास, टोल प्लाजा, बागपत बाईपास, दिल्ली रोड, रुड़की रोड, गढ़ रोड, परतापुर और कंकरखेड़ा समेत प्रमुख कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। जगह-जगह लगाए गए सेवा शिविरों में शीतल जल, दूध, फल, भोजन, दवाइयों और विश्राम की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि पंचक (1 से 4 अगस्त) के चलते अधिकांश बड़े सेवा शिविर 5 अगस्त से शुरू होंगे। औघड़नाथ मंदिर, जागेश्वरनाथ, बिल्वेश्वर महादेव और मनसा देवी मंदिर सहित प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक और विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी शुरू हो गए हैं।
कांवड़ यात्रा के कारण भैंसाली और मेरठ डिपो की बसों का संचालन फिलहाल सोहराबगेट बस अड्डे से किया जा रहा है। बस अड्डा पूरी तरह भर जाने के कारण कई बसें सड़क पर खड़ी की जा रही हैं, जिससे गढ़ रोड पर लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है। सोहराबगेट से हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, दिल्ली, आगरा, बरेली, लखनऊ और अन्य शहरों के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों को यात्रा से पहले परिवहन निगम का रूट प्लान देखने की सलाह दी गई है।
बस अड्डे में जलभराव के कारण भी बसों की पार्किंग प्रभावित हो रही है। कांवड़ मेले को देखते हुए रोडवेज के चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारियों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी गई हैं।
रूट डायवर्जन से स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी
कांवड़ यात्रा के चलते रुड़की रोड और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर व्यापक रूट डायवर्जन लागू है। पल्लवपुरम फेस-1 और फेस-2 के निवासियों को अपने घर पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
पुलिस ने कई कट बंद कर दिए हैं और प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। छोटे वाहनों को सर्विस रोड से जबकि बाहरी राज्यों की ओर जाने वाले वाहनों को फ्लाईओवर से निकाला जा रहा है। डीजे वाली बड़ी कांवड़ों पर भी प्रशासन विशेष नजर रखे हुए है और ध्वनि स्तर की नियमित जांच की जाएगी।
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12 अगस्त तक मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अधिकारी
कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विभागों को 24 घंटे के भीतर व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने 12 अगस्त तक अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है। नगर निगम को कांवड़ मार्गों की नियमित सफाई, ऊर्जा विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और शिविरों में सुरक्षित अस्थायी विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, जलाशयों के आसपास गोताखोर और मोटरबोट की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।