मैनाठेर बवाल के दोषियों को आजीवन कारावास की सजा के पीछे मजबूत चार्जशीट, दमदार पैरवी और गवाही अहम रही। इस केस में तीन सौ तारीखें पड़ीं। 22 गवाह अदालत में पेश किए गए। इन गवाहों से घटना का एक-एक सच बाहर निकलकर आया। 26 दस्तावेजों और 18 वस्तु साक्ष्य की बदौलत अदालत ने 47 पेज के फैसले में दोषियों के लिए उम्र कैद की सजा लिख दी।
मैनाठेर कांड: 300 तारीखें, 22 गवाह और 26 दस्तावेज, 47 पेज में दोषियों के गुनाह; 16 दोषियों को आजीवन कारावास
जितेंद्र कुमार, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Vimal Sharma
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:57 PM IST
सार
मैनाठेर बवाल के दाैरान तत्कालीन डीआईजी और पुलिस कर्मियों पर हमले में 12 साल चली सुनवाई के दौरान अदालत में 300 से अधिक तारीखें पड़ीं। इस बीच अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। मजबूत चार्जशीट, ठोस गवाही और प्रभावी पैरवी के आधार पर एडीजे-2 कृष्ण कुमार सिंह की अदालत ने 47 पृष्ठ के फैसले में सभी 16 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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