सहारनपुर में देवबंद के परोली गांव में गोली मारकर की गई शाहरुख की हत्या को ग्रामीण महज गलत-फहमी में हुई घटना बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक तो क्षेत्र में संदिग्धों के घूमने का डर, ऊपर से मृतक के हाथ में सरिये मोड़ने के औजार देख ग्रामीण दहशत में आ गए और उन्होंने गोली चला दी। इतना ही नहीं शाहरुख की बाइक में पंक्चर होना भी घटना होने की एक बड़ी वजह बना।
PHOTOS: शाहरुख की हत्या से परिवार पर टूटा गमों का पहाड़, पिता का रो-रोकर बुरा हाल, बोले- मेरा सहारा चला गया
ग्रामीण डॉ. प्रमोद का कहना है कि जंगलों में संदिग्धों के देखे जाने से लोग दहशत में है और रात में पहरा दे रहे हैं। शाहरुख लौट रहा था। ग्रामीणों ने उसके हाथ में लोहे के औजार देखे तो वह उसे बदमाश समझ बैठे और गोली चला दी। डॉ. प्रमोद की माने तो शाहरुख की बाइक में पंक्चर हो गया था। जिसकी वजह से वह धीरे-धीरे चल रहा था, जबकि उसके साथी तेजी से आगे निकल गए। बताया गया है कि कुछ लोगों ने उन्हें आवाज भी दी, लेकिन वह नहीं रुके।
कोरी अफवाह है जंगलों में बदमाशों का होना : ग्राम प्रधान
परोली गांव के प्रधान शमीम का कहना है कि जंगलों में हथियारबंद संदिग्धों को देखे जाने की केवल अफवाह ही उड़ रही है। अभी तक किसी ने भी संदिग्धों को देखा नहीं है। इसी अफवाह की वजह से सरिया मोड़ने वाले युवक की जान चली गई। उनका कहना है कि एक गांव से दूसरे गांव में लगातार यह अफवाह फैल रही है कि जंगल में हथियारबंद बदमाश घूम रहे हैं। जिसकी वजह से लोगों ने खेतों में जाना भी बंद कर दिया।
सुरक्षा के मद्देनजर परोली में तैनात पुलिस
परोली गांव में हुई छपार निवासी शाहरुख की हत्या के बाद से सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस तैनात की गई है। रात्रि में परोली गांव पहुंचे एसएसपी विपिन ताड़ा के आदेश पर गुरुवार को दिन में गांव में कई स्थानों पर पुलिस तैनात रही। वहीं गांव में ज्यादा चहल पहल देखने को भी नहीं मिली। हालांकि पूरे गांव में शाहरुख की मौत को लेकर ही चर्चा हो रही है। कुछ लोगों ने गोली मारने वाले लोगों पर अवैध असलाह होने को लेकर सवाल खड़े किए। ग्रामीण चमन सिंह, अखिलेश, सुरेश आदि का कहना है कि रात को पुलिस गांव में गश्त ही नहीं करती। जिसकी वजह से लोग खुद ही पहरा दे रहे हैं।
परिजनों पर टूटा गमों का पहाड़
छपार निवासी शाहरुख की मौत से परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। यहां पोस्टमार्टम हाउस पर आए परिजन उसके पिता सलीम का ढांढस बंधाते रहे। सलीम के 11 बच्चे हैं, छह बेटियां और पांच बेटे वसीम, शाहरुख, आरिफ, जावेद और साहवेज। शाहरुख पांच भाइयों में दूसरे नंबर का था। पिता सलीम भी मजदूरी कर परिजनों का भरण पोषण करता है। बेटा शाहरुख मजदूरी करके पिता की जिम्मेदारी में उसका हाथ बंटाता था। उसकी मौत से परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट गया। परिजनों का कहना था कि शाहरुख और उसके साथी चिल्लाते रहे कि वे बदमाश नहीं गरीब मजदूर हैं, लेकिन ग्रामीणों ने एक नहीं सुनी और गोली चला कर शाहरुख की हत्या कर दी। उसकी हत्या करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।