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बागी नेताओं से राहुल गांधी नाराज: चन्नी को दिल्ली बुलाकर नहीं की मुलाकात, बड़ा फैसला जल्द
Thu, 16 Jul 2026 10:14 PM IST
शाहिल शर्मा
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:14 PM IST
सार
पंजाब कांग्रेस में चल रही बगावत को लेकर राहुल गांधी बहुत नाराज हैं। पंजाब कांग्रेस प्रभारी बघेल के बाद अब राहुल गांधी ने चन्नी को दिल्ली में बुलाकर उनसे मुलाकात नहीं की। डिटेल में पढ़ें खबर...
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राहुल गांधी और चरणजीत सिंह चन्नी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पंजाब कांग्रेस में बगावत की विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी के टेबल पर पहुंच चुकी है। वे अब इस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से चर्चा करेंगे। उसके बाद इस मसले पर हाईकमान की ओर से अंतिम फैसला लिया जाएगा। हालांकि नाराज नेताओं को हाईकमान ने दिल्ली बुला रखा था मगर राहुल गांधी ने बागी नेताओं के झंडाबरदार पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को मिलने का समय नहीं दिया।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी कार्यालय से चन्नी समेत अन्य नेताओं को संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल से मिलने को कहा गया। उधर, केसी वेणुगोपाल को भी निर्देशित किया गया था कि वे वीरवार को नाराज नेताओं से बातचीत करेंगे और वीरवार को ही टिप्पणी समेत अपनी विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे। सूत्राें ने बताया कि देर शाम वेणुगोपाल ने अपनी रिपोर्ट राहुल गांधी कार्यालय को भेज दी है।
वीरवार को बतौर सांसद एवं पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, सांसद डॉ. अमर सिंह, विधायक परगट सिंह, विधायक सुखपाल सिंह खैरा समेत अन्य नाराज नेता दिल्ली पहुंचे हुए थे। दिल्ली में इन नेताओं की मुलाकात राष्ट्रीय महासचिव एवं कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला से भी हुई। उधर, केसी वेणुगोपाल ने सभी नेताओं से सामूहिक और वन-टू-वन मुलाकात कर इस पूरे विवाद में उनका पक्ष और राय जानी।
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पार्टी सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी कार्यालय से चन्नी समेत अन्य नेताओं को संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल से मिलने को कहा गया। उधर, केसी वेणुगोपाल को भी निर्देशित किया गया था कि वे वीरवार को नाराज नेताओं से बातचीत करेंगे और वीरवार को ही टिप्पणी समेत अपनी विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे। सूत्राें ने बताया कि देर शाम वेणुगोपाल ने अपनी रिपोर्ट राहुल गांधी कार्यालय को भेज दी है।
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वीरवार को बतौर सांसद एवं पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, सांसद डॉ. अमर सिंह, विधायक परगट सिंह, विधायक सुखपाल सिंह खैरा समेत अन्य नाराज नेता दिल्ली पहुंचे हुए थे। दिल्ली में इन नेताओं की मुलाकात राष्ट्रीय महासचिव एवं कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला से भी हुई। उधर, केसी वेणुगोपाल ने सभी नेताओं से सामूहिक और वन-टू-वन मुलाकात कर इस पूरे विवाद में उनका पक्ष और राय जानी।
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दिल्ली में रणदीप सुरजेवाला, सुखजिंदर सिंह रंधावा व चन्नी
- फोटो : अमर उजाला
वेणुगोपाल से बैठक के दौरान असंतुष्ट खेमे ने अपना दबाव बनाए रखा मगर नाराज नेताओं से संगठनात्मक बदलाव की जिद छोड़कर चुनाव से पहले एकजुटता बनाए रखने पर जोर देने को कहा गया। इस पर नाराज नेताओं ने केसी को बताया कि वे सूबे में चुनाव से पहले नेतृत्व परिवर्तन और सीएम फेस की मांग क्यों कर रहे हैं?
बघेल की भूमिका पर भी सवाल
पार्टी सूत्र बताते हैं कि केसी से बैठक के दौरान नाराज नेताओं ने पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया। नाराज नेताओं का कहना था कि प्रभारी की ओर से उनकी बात सही ढंग से हाईकमान के समक्ष नहीं रखी गई। इसलिए वे हाईकमान से मिलना चाहते थे। बैठक में पंजाब संगठन की स्थिति, चुनावी तैयारियां और गुटबाजी पर विस्तार से चर्चा हुई।
राजा के पक्ष में बघेल
प्रभारी भूपेश बघेल भी बुधवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट केसी वेणुगोपाल से मिलकर उन्हें सौंप चुके हैं। जिसमें उन्होंने बताया है कि 29 में से 25 जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में हैं जबकि सात सांसदों में से चार सांसद वड़िंग के साथ हैं। रिपोर्ट में वड़िंग को अध्यक्ष बनाए रखने की सिफारिश की गई है। दूसरी ओर, दिल्ली बैठकों के समानांतर चन्नी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर ‘सारा पंजाब चन्नी दे नाल’ अभियान तेज किया। यह अभियान हाईकमान पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेसियों की इस बगावत और दबाव की रणनीति के चलते हाईकमान असहज है।
बघेल की भूमिका पर भी सवाल
पार्टी सूत्र बताते हैं कि केसी से बैठक के दौरान नाराज नेताओं ने पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया। नाराज नेताओं का कहना था कि प्रभारी की ओर से उनकी बात सही ढंग से हाईकमान के समक्ष नहीं रखी गई। इसलिए वे हाईकमान से मिलना चाहते थे। बैठक में पंजाब संगठन की स्थिति, चुनावी तैयारियां और गुटबाजी पर विस्तार से चर्चा हुई।
राजा के पक्ष में बघेल
प्रभारी भूपेश बघेल भी बुधवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट केसी वेणुगोपाल से मिलकर उन्हें सौंप चुके हैं। जिसमें उन्होंने बताया है कि 29 में से 25 जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थन में हैं जबकि सात सांसदों में से चार सांसद वड़िंग के साथ हैं। रिपोर्ट में वड़िंग को अध्यक्ष बनाए रखने की सिफारिश की गई है। दूसरी ओर, दिल्ली बैठकों के समानांतर चन्नी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर ‘सारा पंजाब चन्नी दे नाल’ अभियान तेज किया। यह अभियान हाईकमान पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेसियों की इस बगावत और दबाव की रणनीति के चलते हाईकमान असहज है।