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चंडीगढ़ बॉर्डर पर कोहराम : वेतनमान मांग रहे शिक्षकों पर पुलिस ने की पानी की बौछार, एक शिक्षक को पड़ा दिल का दौरा
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मोहाली-चंडीगढ़। अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे स्पेशल कैडर टीचर्स फ्रंट, पंजाब के शिक्षकों पर पुलिसिया कार्रवाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। पुलिस की छोड़ी गई वाटर कैनन की तेज बौछारों और इस दौरान हुई हाथापाई के बीच यूनियन के अध्यक्ष दविंदर सिंह (35) को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। उन्हें तुरंत मोहाली के फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल ले जाया गया, वहां फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने बताया कि करीब 1500 शिक्षक मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे। उनको बुड़ैल जेल के पास पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया। जब शिक्षकों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछारों और पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के दौरान दविंदर सिंह अचानक जमीन पर गिर पड़े। शिक्षक नेताओं का आरोप है कि मौके पर कोई एम्बुलेंस मौजूद नहीं थी। करीब 20 मिनट के तनावपूर्ण इंतजार के बाद डीएसपी हरसिमरन सिंह बल ने गंभीर रूप से घायल दविंदर सिंह को अपनी पुलिस वैन में डालकर अस्पताल पहुंचाया। दविंदर के अलावा हरप्रीत कौर और नजर सिंह को भी चोटें आई हैं।
दो साल से रुका है वित्तीय लाभ
यूनियन के नेताओं (दविंदर सिंह संधू, वीरपाल कौर सिधाना, मनप्रीत मोगा) का कहना है कि सरकार ने 28 जुलाई 2023 को 12,710 एडहॉक शिक्षकों को पक्का करने का वादा किया था और नियुक्ति पत्र भी सौंपे थे। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी इन शिक्षकों को न तो पे-स्केल (वेतनमान) मिला है और न ही अन्य सर्विस बेनिफिट्स। शिक्षक नेता ने कहा कि हमारे युवा साथियों की जान जोखिम में है। एक 35 साल के शिक्षक को संघर्ष के दौरान हार्ट अटैक आना यह दर्शाता है कि शिक्षक कितने मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं।
मांग पत्र स्वीकार, अब बैठकों पर टिकी नजर
पुलिस कार्रवाई और हंगामे के बाद प्रशासन ने शिक्षकों का मांग पत्र स्वीकार कर लिया है। सरकार ने बातचीत का रास्ता खोलते हुए 6 मार्च को शिक्षा मंत्री के साथ बैठक तय की है। वहीं 10 मार्च को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता वाली सब-कमेटी के साथ मीटिंग बुलाई है।शिक्षकों की मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), मेडिकल रिम्बर्समेंट, रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करना और 14% सरकारी ईपीएफ योगदान शामिल है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि इन बैठकों में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
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प्रत्यक्षदर्शियों और प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने बताया कि करीब 1500 शिक्षक मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे। उनको बुड़ैल जेल के पास पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया। जब शिक्षकों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछारों और पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के दौरान दविंदर सिंह अचानक जमीन पर गिर पड़े। शिक्षक नेताओं का आरोप है कि मौके पर कोई एम्बुलेंस मौजूद नहीं थी। करीब 20 मिनट के तनावपूर्ण इंतजार के बाद डीएसपी हरसिमरन सिंह बल ने गंभीर रूप से घायल दविंदर सिंह को अपनी पुलिस वैन में डालकर अस्पताल पहुंचाया। दविंदर के अलावा हरप्रीत कौर और नजर सिंह को भी चोटें आई हैं।
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दो साल से रुका है वित्तीय लाभ
यूनियन के नेताओं (दविंदर सिंह संधू, वीरपाल कौर सिधाना, मनप्रीत मोगा) का कहना है कि सरकार ने 28 जुलाई 2023 को 12,710 एडहॉक शिक्षकों को पक्का करने का वादा किया था और नियुक्ति पत्र भी सौंपे थे। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी इन शिक्षकों को न तो पे-स्केल (वेतनमान) मिला है और न ही अन्य सर्विस बेनिफिट्स। शिक्षक नेता ने कहा कि हमारे युवा साथियों की जान जोखिम में है। एक 35 साल के शिक्षक को संघर्ष के दौरान हार्ट अटैक आना यह दर्शाता है कि शिक्षक कितने मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं।
मांग पत्र स्वीकार, अब बैठकों पर टिकी नजर
पुलिस कार्रवाई और हंगामे के बाद प्रशासन ने शिक्षकों का मांग पत्र स्वीकार कर लिया है। सरकार ने बातचीत का रास्ता खोलते हुए 6 मार्च को शिक्षा मंत्री के साथ बैठक तय की है। वहीं 10 मार्च को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता वाली सब-कमेटी के साथ मीटिंग बुलाई है।शिक्षकों की मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), मेडिकल रिम्बर्समेंट, रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करना और 14% सरकारी ईपीएफ योगदान शामिल है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि इन बैठकों में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।