बर्थ-डे कार्ड से कैंपस फीडबैक तक; राजस्थान में Gen-Z वोटर्स को साधने की बीजेपी-कांग्रेस में होड़
राजस्थान में आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस ने युवा मतदाताओं पर फोकस बढ़ाया है। भाजपा नए 18 वर्षीय मतदाताओं को जन्मदिन कार्ड भेज रही, जबकि कांग्रेस जेड पीढ़ी समिति बनाएगी।
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राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों के साथ 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच BJP और Congress ने युवा यानी Gen-Z वोटर्स तक पहुंच बनाने की रणनीति तेज कर दी है। राजनीतिक दल अब रैलियों और सोशल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय युवाओं के घर, कॉलेज, हॉस्टल और कोचिंग सेंटर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
18 साल के होते ही घर पहुंचेगा CM का बर्थ-डे कार्ड
भजनलाल शर्मा सरकार ने नए वोटर्स से व्यक्तिगत जुड़ाव बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अगस्त से राजस्थान में 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से उनके घर पर व्यक्तिगत शुभकामना कार्ड भेजे जा रहे हैं।
कार्ड में युवा का नाम, पिता का नाम, पता और संपर्क नंबर दर्ज है। इसमें 18 साल की उम्र को सामाजिक जिम्मेदारियों, अधिकारों और अवसरों के नए दौर की शुरुआत बताते हुए युवाओं से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की जा रही है।
मुख्यमंत्री की ओर से भेजे जा रहे संदेश में युवाओं को लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कार्ड में मुख्यमंत्री ने नए मतदाताओं से भविष्य में व्यक्तिगत मुलाकात की इच्छा भी जताई है।
रोजाना करीब 4,500 कार्ड भेजे जा रहे
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जयपुर से रोजाना करीब 4,500 व्यक्तिगत कार्ड भेज रहा है। कार्ड पर दिए गए नाम-पते और मोबाइल नंबर के आधार पर इन्हें संबंधित युवा के 18वें जन्मदिन से पहले पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, मुख्यमंत्री पहले भी महत्वपूर्ण अवसरों पर लोगों को शुभकामना संदेश भेजते रहे हैं, लेकिन अब इस पहल को पहली बार नए मतदाताओं तक विशेष रूप से पहुंचाया जा रहा है।
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बीजेपी का कैंपस फीडबैक प्रोग्राम
बर्थ डे कार्ड के साथ भाजपा संगठन स्तर पर भी युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। पार्टी का युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और सोशल मीडिया टीम मिलकर स्टूडेंट फीडबैक प्रोग्राम चलाएगी।
इस अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता कॉलेजों, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों से बातचीत करेंगे। छात्रों से शिक्षा, केंद्र सरकार की योजनाओं, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर फीडबैक लिया जाएगा। भाजपा के प्रदेश सोशल मीडिया सेल के प्रभारी हिरेंद्र कौशिक के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य युवाओं की समस्याओं और अपेक्षाओं को सीधे समझना है।
कांग्रेस बनाएगी Gen-Z कमेटी
युवाओं को लेकर कांग्रेस भी संगठनात्मक स्तर पर नई रणनीति तैयार कर रही है। राजस्थान कांग्रेस के सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुमित भगासरा के मुताबिक, पार्टी Gen-Z कमेटी गठित करने जा रही है।
शुरुआत राज्य स्तर से होगी और इसके बाद इसे विधानसभा क्षेत्र तथा ब्लॉक स्तर तक ले जाने की योजना है। इसके जरिए युवाओं के मुद्दों को पार्टी के संगठन और राजनीतिक अभियान से जोड़ने की कोशिश होगी।
पेपर लीक और रोजगार बने सबसे बड़े मुद्दे
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक और रोजगार को लेकर हुए छात्र आंदोलनों ने युवा राजनीति को नई दिशा दी है। पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचे थे। इससे राजनीतिक दलों को भी यह संकेत मिला कि युवा मुद्दे तेजी से बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले सकते हैं।
भाजपा सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल में हुई सरकारी नियुक्तियों का जिला स्तर पर प्रचार कर रही है। साथ ही 81 हजार अतिरिक्त पदों पर भर्ती की घोषणा को भी युवाओं के बीच रोजगार के मुद्दे पर सरकार की उपलब्धि के तौर पर पेश किया जा रहा है।
वहीं कांग्रेस भर्ती परीक्षाओं और रोजगार के मुद्दे को लगातार उठा रही है। राहुल गांधी भी प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। कांग्रेस का Students' Voice अभियान भी इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत कोटा से की गई है।
जूली बोले ..बीजेपी युवाओं का डेटा खंगाल रही
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जंतर-मंतर पर Gen-Z के प्रदर्शन ने भाजपा सरकार की नींद उड़ा दी है, और अब बौखलाई भाजपा सरकार युवाओं का डेटा खंगालकर उन्हें लुभाने में जुट गई है।
जूली ने कहा कि मतदाताओं को लुभाने के लिए उनका निजी डाटा इस्तेमाल करना उनकी प्राइवेसी में भाजपा सरकार की सीधी घुसपैठ है। यह तो सिर्फ शुरुआत भर है। आगे भी भाजपा ऐसे निजी डाटा का इस्तेमाल करने में नहीं चूकेगी। किसी नागरिक की जन्मतिथि जैसी संवेदनशील जानकारी सरकार बिना अनुमति कैसे इस्तेमाल कर रही है, इसका जवाब सरकार को देना होगा।
उन्होंने कहा-असल मुद्दे, बेरोजगारी, RPSC की बदहाली, भर्तियों में देरी, Gen-Z के स्कूलों की इमारतों की बदहाली आदि पर सरकार पूरी तरह खामोश है, लेकिन जन्मदिन की बधाई देकर लुभाने में जरा भी देर नहीं लगाती। यह युवाओं की भलाई नहीं, बल्कि उनके निजी डेटा का बेशर्मी से राजनीतिक इस्तेमाल कर वोट बैंक बनाने की चालबाजी है। सरकार साफ बताए, यह जन्मतिथि डेटा किस कानूनी अधिकार से लिया गया।