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Jaipur: राजस्थान की सियासत में गुर्जर-मीणा समीकरण पर बैसला का बड़ा बयान, पायलट परिवार को लेकर किया अहम दावा

Wed, 12 Aug 2026 02:13 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Wed, 12 Aug 2026 02:13 PM IST
सार

राजस्थान की जातीय राजनीति के बीच अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के संगठन महासचिव बच्चू सिंह बैसला ने पायलट परिवार और मीणा समाज के रिश्तों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।

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Jaipur: Baisla’s Big Claim on Gujjar-Meena Politics, Says Meena Community Backed Pilot Family
पायलट परिवार को लेकर बच्चू सिंह बैसला ने कही ये बात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के संगठन महासचिव बच्चू सिंह बैसला ने राजस्थान की जातीय राजनीति, गुर्जर-मीणा संबंधों और गुर्जर समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पायलट परिवार की राजनीतिक जमीन को डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की वजह से जोड़कर देखना सही नहीं है। उनके अनुसार पायलट परिवार को उस दौर में मीणा समाज का समर्थन और स्नेह मिला था, जबकि डॉ. किरोड़ीलाल मीणा विरोध की राजनीति में थे।

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बैसला ने कहा कि दौसा की राजनीति में मीणा समाज की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समाज किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक शक्ति है। उन्होंने दावा किया कि पायलट परिवार को दौसा क्षेत्र में मीणा समाज का समर्थन मिला और राजनीतिक आधार मजबूत करने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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गुर्जर समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी की चिंता
बच्चू सिंह बैसला ने कहा कि गुर्जर समाज की चिंता केवल संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि समाज की संख्या और हिस्सेदारी के आंकड़े उपलब्ध हैं तो राजनीतिक और प्रशासनिक पदों पर उसका उचित प्रतिबिंब क्यों नहीं दिखाई देता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में कैबिनेट स्तर का प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है और केवल राज्यमंत्री बनाए जाने से समाज की राजनीतिक भागीदारी की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती।
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गुर्जर-मीणा समाज के बीच भाईचारे पर जोर
गुर्जर-मीणा संबंधों को लेकर बैसला ने कहा कि दोनों समाजों के बीच लंबे समय से सामाजिक भाईचारा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोग अपने हितों के लिए दोनों समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने का प्रयास करते हैं। बैसला ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं लेकिन उन्हें सामाजिक रिश्तों पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने गुर्जर समाज की ओर से मीणा समाज के साथ भाईचारा बनाए रखने की बात कही।

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डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर आरोप
पुराने गुर्जर आंदोलनों का जिक्र करते हुए बैसला ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से कई बार डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को भेजा गया। उनके मुताबिक इससे गुर्जर और मीणा समाज के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश हुई। उन्होंने दावा किया कि उस समय दोनों समुदायों के आरक्षण संबंधी हितों को आमने-सामने रखने का प्रयास किया गया था। बैसला ने कहा कि ऐसी राजनीति से दोनों समाजों को नुकसान होता है।

पांचना बांध विवाद पर भी बोले
पांचना बांध के मुद्दे पर बैसला ने कहा कि यह मामला आज भी पूरी तरह सुलझा नहीं है। उन्होंने वर्ष 2008 से 2013 के बीच की राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान आंदोलन के बीच प्रशासनिक स्तर पर गंभीर कार्रवाई की तैयारी हुई थी लेकिन अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक रास्ता अपनाया गया। उन्होंने कहा कि पांचना बांध के पानी पर गुर्जर समाज अपनी प्राथमिकता का अधिकार चाहता है। उनके अनुसार बांध और क्षेत्र की सुरक्षा तथा निगरानी करने वाले लोगों के लिए पहले पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके बाद अन्य जरूरतमंद क्षेत्रों और समुदायों को पानी देने पर समाज को आपत्ति नहीं है।

ओबीसी आयोग के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
बैसला ने सरकार से ओबीसी आयोग के आंकड़े सार्वजनिक करने और गुर्जर समाज की वास्तविक संख्या स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सही जातिगत आंकड़े सामने आने से राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने आगामी पंचायत राज और नगरीय निकाय चुनावों में गुर्जर समाज को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की भी मांग की।

बैसला ने राजनीतिक दलों को लेकर कहा कि जो पार्टी गुर्जर समाज की मांगों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का ध्यान रखेगी, समाज भी चुनाव में उसका ध्यान रखेगा। उन्होंने कहा कि समाज की मांग किसी दूसरे समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि संख्या, भागीदारी और प्रतिनिधित्व के अनुपात में अधिकार मिलने की है। उन्होंने गुर्जर और मीणा समाज के बीच पुराने सामाजिक भाईचारे को बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण सामाजिक रिश्तों को कमजोर नहीं होने देना चाहिए।

दो दिन पहले किरोड़ीलाल मीणा ने दिया था बयान
गौरतलब है कि दो दिन पहले दौसा के नांगल प्यारिवास स्थित पंच अठाई में आयोजित आदिवासी महोत्सव में डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने भी गुर्जर-मीणा समाज और पायलट परिवार को लेकर बयान दिया था। कृषि मंत्री ने सामाजिक एकता का संदेश देते हुए कहा था कि मीणा और गुर्जर दोनों किसान जातियां हैं और उन्हें मिल-जुलकर रहना चाहिए। उन्होंने दोनों समाजों के रिश्ते को राम-लक्ष्मण की जोड़ी बताते हुए आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की थी।

डॉ. मीणा ने यह भी कहा था कि पायलट परिवार को राजनीति में लाने में मीणा समाज की भूमिका रही है और उन्होंने कहा कि यह बात उन्हें समझा दी गई है। अब बच्चू सिंह बैसला के बयान को इसी राजनीतिक बयानबाजी के संदर्भ में देखा जा रहा है।

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