Kota: कोटा अस्पताल में प्रसूताओं की मौत से मचा हड़कंप! देर रात पहुंचीं हेल्थ सेक्रेटरी, दवाइयों पर लगी रोक
Kota: कोटा के न्यू अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की मौत के मामले में प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ ने देर रात अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ टीम तैनात की गई है और दवाइयों के संभावित रिएक्शन की भी जांच की जा रही है।
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राजस्थान के कोटा जिले में मेडिकल कॉलेज के न्यू अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की मौत के मामले में देर रात तक बैठकों और निरीक्षण का दौर जारी रहा। पूरे मामले की मॉनिटरिंग के लिए प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ देर रात को कोटा पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल में भर्ती महिला मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की। साथ ही जयपुर से कोटा पहुंची मेडिकल टीम से भी मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।
प्रोटोकॉल में लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत
मीडिया से बातचीत करते हुए प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ ने कहा कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान जिन चिकित्सा कर्मियों ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉम्प्लिकेशन और पोस्ट ऑपरेटिव स्थिति की जांच
गायत्री राठौड़ ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। प्रसूताओं की मौत मेडिकल कॉम्प्लिकेशन और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में हुई है। इसलिए पूरे मामले को गंभीरता से समझने और जांचने का प्रयास किया जा रहा है। जयपुर से पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी कोटा भेजी गई है, जिन्होंने पूरे दिन मामले का विश्लेषण किया।
डॉक्टरों की टीम जुटी कारण तलाशने में
उन्होंने बताया कि अस्पताल के सभी डॉक्टर, सर्जन, गाइनेकोलॉजिस्ट और ऑपरेशन थिएटर इंचार्ज यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किन कारणों से प्रसूताओं की मौत हुई और अन्य महिलाओं की तबीयत बिगड़ी।
दवाइयों पर रोक, केमिकल रिएक्शन की जांच शुरू
प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रेटरी ने कहा कि एहतियात के तौर पर कुछ दवाइयों के उपयोग को फिलहाल रोक दिया गया है, क्योंकि इनके रिएक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि ओटी और वार्ड की कल्चर रिपोर्ट नेगेटिव आई है, लेकिन अब केमिकल रिएक्शन की जांच करवाई जा रही है। इसके लिए नमूने भेज दिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट तीन से पांच दिनों में आने की संभावना है।
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मरीजों को बेहतर सुविधा देना प्राथमिकता
गायत्री राठौड़ ने कहा कि जेके लोन और न्यू अस्पताल को अलग-अलग नहीं देखा जा रहा है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले। इसके साथ ही उन्होंने देर रात चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
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