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चार महीने बाद पुलिस का एक्शन: बजरी आंदोलन को लेकर हनुमान बेनीवाल समेत 14 नेताओं पर केस, मचा सियासी घमासान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 10:19 PM IST
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सार
नागौर में बजरी खनन विरोधी आंदोलन और जयपुर कूच के आह्वान से जुड़े मामले में चार महीने बाद सांसद हनुमान बेनीवाल समेत 14 नेताओं और 200-250 समर्थकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि काफिले के कारण हाईवे पर जाम लगा और यातायात प्रभावित हुआ।
तत्कालीन धरनास्थल
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
नागौर जिले में बजरी खनन के खिलाफ हुए आंदोलन को लेकर करीब चार महीने बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पादुकलां थाना पुलिस ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल समेत 14 नामजद नेताओं और 200 से 250 समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सभा में बजरी खनन के खिलाफ हुआ था आंदोलन
पुलिस के अनुसार, यह मामला 13 जनवरी 2026 को रियां बड़ी में आयोजित एक सभा और उसके बाद निकाले गए काफिले से जुड़ा है। सभा में बजरी खनन के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आंदोलन और जयपुर कूच का आह्वान किया गया था। आरोप है कि सभा के बाद बड़ी संख्या में समर्थक वाहनों के काफिले के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निकल पड़े, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
150 वाहनों का काफिला हुआ था रवाना
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों और निषेधाज्ञा के बावजूद सभा के बाद करीब 150 वाहनों का काफिला रियां बड़ी से रवाना हुआ। यह काफिला पादुकलां होते हुए अजमेर की ओर बढ़ा। इस दौरान कई स्थानों पर समर्थकों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की, जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई।
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28 किमी की दूरी तय करने में काफिले को चार घंटे लगे
जांच में सामने आया कि पादुकलां तिराहे से थावला (बाड़ी घाटी) टोल प्लाजा तक लगभग 28 किलोमीटर की दूरी तय करने में काफिले को करीब चार घंटे लगे। इस दौरान यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंस गए। पुलिस के अनुसार आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहन भी इस जाम से प्रभावित हुए।
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8 (B) के तहत प्रकरण दर्ज
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि पादुकलां थाने के सामने कुछ लोगों ने एकत्र होकर नारेबाजी की और यातायात बाधित किया। पुलिस का कहना है कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ा। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 189(2), 223, 285 तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8(B) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
ये भी पढ़ें- 'किसानों की अनदेखी की तो भेज दूंगी बाड़मेर': अधिकारियों पर फूटा विधायक का गुस्सा; सिंचाई विभाग को लगाई फटकार
सांसद हनुमान बेनीवाल के पूर्व विधायक
एफआईआर में सांसद हनुमान बेनीवाल के अलावा पूर्व विधायक दिलीप चौधरी, पूर्व विधायक इंदिरा देवी बावरी सहित अन्य नेताओं के नाम भी शामिल हैं। वहीं 200 से 250 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। घटना के कई महीने बाद दर्ज हुए इस मुकदमे ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। समर्थक इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई कानून सम्मत प्रक्रिया के तहत की गई है। मामले की जांच एएसआई सीताराम को सौंपी गई है।
सभा में बजरी खनन के खिलाफ हुआ था आंदोलन
पुलिस के अनुसार, यह मामला 13 जनवरी 2026 को रियां बड़ी में आयोजित एक सभा और उसके बाद निकाले गए काफिले से जुड़ा है। सभा में बजरी खनन के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आंदोलन और जयपुर कूच का आह्वान किया गया था। आरोप है कि सभा के बाद बड़ी संख्या में समर्थक वाहनों के काफिले के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निकल पड़े, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
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150 वाहनों का काफिला हुआ था रवाना
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों और निषेधाज्ञा के बावजूद सभा के बाद करीब 150 वाहनों का काफिला रियां बड़ी से रवाना हुआ। यह काफिला पादुकलां होते हुए अजमेर की ओर बढ़ा। इस दौरान कई स्थानों पर समर्थकों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की, जिससे हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई।
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जांच में सामने आया कि पादुकलां तिराहे से थावला (बाड़ी घाटी) टोल प्लाजा तक लगभग 28 किलोमीटर की दूरी तय करने में काफिले को करीब चार घंटे लगे। इस दौरान यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंस गए। पुलिस के अनुसार आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहन भी इस जाम से प्रभावित हुए।
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8 (B) के तहत प्रकरण दर्ज
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि पादुकलां थाने के सामने कुछ लोगों ने एकत्र होकर नारेबाजी की और यातायात बाधित किया। पुलिस का कहना है कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ा। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 189(2), 223, 285 तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8(B) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
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सांसद हनुमान बेनीवाल के पूर्व विधायक
एफआईआर में सांसद हनुमान बेनीवाल के अलावा पूर्व विधायक दिलीप चौधरी, पूर्व विधायक इंदिरा देवी बावरी सहित अन्य नेताओं के नाम भी शामिल हैं। वहीं 200 से 250 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। घटना के कई महीने बाद दर्ज हुए इस मुकदमे ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। समर्थक इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई कानून सम्मत प्रक्रिया के तहत की गई है। मामले की जांच एएसआई सीताराम को सौंपी गई है।