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Rajsamand News: उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के साथ प्री-बजट संवाद, विभिन्न वर्गों ने विकास को लेकर दिए सुझाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजसमंद
Published by: राजसमंद ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 07:46 PM IST
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सार
राजसमंद में हुए प्री-बजट संवाद में किसानों, महिलाओं, युवाओं, उद्योगपतियों और जनप्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के सामने योजनाओं और बजट प्राथमिकताओं पर अपने सुझाव रखते हुए विकास की स्पष्ट दिशा तय करने की मांग की।
उपमुख्यमंत्री के साथ प्री-बजट संवाद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजसमंद के जिला परिषद सभागार में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के मुख्य आतिथ्य में प्री-बजट संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़, भीम विधायक हरिसिंह रावत, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, एसपी ममता गुप्ता समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं विभिन्न वर्गों के नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष आगामी राज्य बजट से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं, समस्याएं और सुझाव रखे।
एसएचजी महिलाओं की मांग : हर जिले में खुले रूरल मार्ट
राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने प्रत्येक जिले में पृथक राजीविका कार्यालय खोलने का सुझाव दिया, जहां कौशल विकास, ब्रांडिंग और प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित की जा सकें। उन्होंने सभी उपखंड मुख्यालयों पर ग्रामीण मार्ट स्थापित करने की भी मांग रखी, ताकि एसएचजी महिलाएं अपने उत्पादों को प्रदर्शित व बेच सकें। अन्नपूर्णा रसोइयों में राजीविका समूहों को प्राथमिकता देने की सिफारिश भी की गई।
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चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग
स्थानीय नागरिकों और चिकित्सकों ने आरके जिला चिकित्सालय में मल्टी-स्टोरी पार्किंग निर्माण की मांग उठाई। चिकित्सकों ने जिले में रिक्त पदों को जल्द भरने, चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने तथा 'मां' योजना के पैकेज की राशि बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई। मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि आवंटन होने के बावजूद कार्य प्रारंभ न होने पर निर्माण शीघ्र शुरू करने की भी मांग रखी गई।
एससी-एसटी समुदाय की अपेक्षाएं
एससी-एसटी समुदाय के प्रतिनिधियों ने पीएमएस-सीबीसी योजना के अंतर्गत ऋण राशि बढ़ाने और प्रत्येक जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्किल ट्रेनिंग सेंटर खोलने का सुझाव दिया।
दिव्यांगजनों की मांग : हर जिले में दिव्यांग कॉलेज
दिव्यांगजनों ने हर जिले में विशेष रूप से दिव्यांगों के लिए कॉलेज खोलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि स्टाफ को दिव्यांगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके।
वरिष्ठ नागरिकों और किसानों ने रखीं समस्याएं
वरिष्ठ नागरिकों ने तीर्थयात्रा योजना में ओल्ड एज होम के बुजुर्गों को प्राथमिकता देने और मिलने वाले भत्ते में बढ़ोतरी की मांग रखी।
किसानों ने कृषि यंत्रों पर हर वर्ष सब्सिडी दिए जाने, बीजों की एमआरपी कम करने और कृषि मंडियों में शेड की व्यवस्था करने जैसे सुझाव दिए। उन्होंने पाइप लाइन सुविधा प्रति किसान एक खेत तक सीमित होने की व्यवस्था में संशोधन की भी मांग रखी।
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राशन डीलर्स और युवाओं के सुझाव
राशन डीलर्स ने डिजिटल प्रणाली के साथ निश्चित मासिक मानदेय की व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। युवाओं ने प्रत्येक जिले में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने, जहां एआई, फाइनेंस, संचार और मार्केटिंग की ट्रेनिंग का सुझाव दिया। उन्होंने इसे लर्न एंड अर्न मॉडल बनाने पर जोर दिया।
खेल सुविधाओं और उद्योग क्षेत्र की मांगें
खिलाड़ियों ने ग्राम भाणा स्थित हॉकी एस्ट्रोटर्फ में सुविधाओं के विस्तार, गर्ल्स चेंजिंग रूम और पेयजल व्यवस्था की मांग रखी। इसके अलावा जिला स्तर पर स्विमिंग पूल निर्माण की मांग भी उठाई गई।
उद्योगपतियों ने रीको क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, इंडस्ट्री एरिया में सोलर पार्क की स्थापना और मार्बल स्लरी के सदुपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई। पर्यटन नीति 2024 में आवश्यक संशोधन की मांग भी रखी गई।
सांसद और विधायकों ने भी रखे महत्वपूर्ण सुझाव
सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने मार्बल वेस्टेज के सदुपयोग के लिए नीति बनाने और मांगों को केंद्र तक पहुंचाने का भरोसा दिया। कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने चारभुजा-गढ़बोर को पंचायत समिति बनाने पर आभार व्यक्त किया।
भीम विधायक हरिसिंह रावत ने जिला अस्पताल की स्थापना और चंबल परियोजना के कार्य की गति बढ़ाने के लिए एक्सईएन कार्यालय स्थानांतरण की मांग की। राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कोटा स्टोन पर जीएसटी कम करने, कार्डियोलॉजी यूनिट, पैथ लैब और लॉ कॉलेज खोलने की मांग रखी। नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना, नहरों की मरम्मत और खमनोर गुलाबों की ब्रांडिंग पर बल दिया।
सभी वर्गों के सुझाव सुनने के बाद उपख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राजस्थान विकसित भारत के विजन को मूर्त रूप देने में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्री-बजट संवाद में मिले सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजसमंद को प्रदेश का अग्रणी जिला बनाना है और इसके विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
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कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष आगामी राज्य बजट से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं, समस्याएं और सुझाव रखे।
एसएचजी महिलाओं की मांग : हर जिले में खुले रूरल मार्ट
राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने प्रत्येक जिले में पृथक राजीविका कार्यालय खोलने का सुझाव दिया, जहां कौशल विकास, ब्रांडिंग और प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित की जा सकें। उन्होंने सभी उपखंड मुख्यालयों पर ग्रामीण मार्ट स्थापित करने की भी मांग रखी, ताकि एसएचजी महिलाएं अपने उत्पादों को प्रदर्शित व बेच सकें। अन्नपूर्णा रसोइयों में राजीविका समूहों को प्राथमिकता देने की सिफारिश भी की गई।
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चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग
स्थानीय नागरिकों और चिकित्सकों ने आरके जिला चिकित्सालय में मल्टी-स्टोरी पार्किंग निर्माण की मांग उठाई। चिकित्सकों ने जिले में रिक्त पदों को जल्द भरने, चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने तथा 'मां' योजना के पैकेज की राशि बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई। मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि आवंटन होने के बावजूद कार्य प्रारंभ न होने पर निर्माण शीघ्र शुरू करने की भी मांग रखी गई।
एससी-एसटी समुदाय की अपेक्षाएं
एससी-एसटी समुदाय के प्रतिनिधियों ने पीएमएस-सीबीसी योजना के अंतर्गत ऋण राशि बढ़ाने और प्रत्येक जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्किल ट्रेनिंग सेंटर खोलने का सुझाव दिया।
दिव्यांगजनों की मांग : हर जिले में दिव्यांग कॉलेज
दिव्यांगजनों ने हर जिले में विशेष रूप से दिव्यांगों के लिए कॉलेज खोलने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि स्टाफ को दिव्यांगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके।
वरिष्ठ नागरिकों और किसानों ने रखीं समस्याएं
वरिष्ठ नागरिकों ने तीर्थयात्रा योजना में ओल्ड एज होम के बुजुर्गों को प्राथमिकता देने और मिलने वाले भत्ते में बढ़ोतरी की मांग रखी।
किसानों ने कृषि यंत्रों पर हर वर्ष सब्सिडी दिए जाने, बीजों की एमआरपी कम करने और कृषि मंडियों में शेड की व्यवस्था करने जैसे सुझाव दिए। उन्होंने पाइप लाइन सुविधा प्रति किसान एक खेत तक सीमित होने की व्यवस्था में संशोधन की भी मांग रखी।
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राशन डीलर्स और युवाओं के सुझाव
राशन डीलर्स ने डिजिटल प्रणाली के साथ निश्चित मासिक मानदेय की व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। युवाओं ने प्रत्येक जिले में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने, जहां एआई, फाइनेंस, संचार और मार्केटिंग की ट्रेनिंग का सुझाव दिया। उन्होंने इसे लर्न एंड अर्न मॉडल बनाने पर जोर दिया।
खेल सुविधाओं और उद्योग क्षेत्र की मांगें
खिलाड़ियों ने ग्राम भाणा स्थित हॉकी एस्ट्रोटर्फ में सुविधाओं के विस्तार, गर्ल्स चेंजिंग रूम और पेयजल व्यवस्था की मांग रखी। इसके अलावा जिला स्तर पर स्विमिंग पूल निर्माण की मांग भी उठाई गई।
उद्योगपतियों ने रीको क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, इंडस्ट्री एरिया में सोलर पार्क की स्थापना और मार्बल स्लरी के सदुपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई। पर्यटन नीति 2024 में आवश्यक संशोधन की मांग भी रखी गई।
सांसद और विधायकों ने भी रखे महत्वपूर्ण सुझाव
सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने मार्बल वेस्टेज के सदुपयोग के लिए नीति बनाने और मांगों को केंद्र तक पहुंचाने का भरोसा दिया। कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने चारभुजा-गढ़बोर को पंचायत समिति बनाने पर आभार व्यक्त किया।
भीम विधायक हरिसिंह रावत ने जिला अस्पताल की स्थापना और चंबल परियोजना के कार्य की गति बढ़ाने के लिए एक्सईएन कार्यालय स्थानांतरण की मांग की। राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कोटा स्टोन पर जीएसटी कम करने, कार्डियोलॉजी यूनिट, पैथ लैब और लॉ कॉलेज खोलने की मांग रखी। नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना, नहरों की मरम्मत और खमनोर गुलाबों की ब्रांडिंग पर बल दिया।
सभी वर्गों के सुझाव सुनने के बाद उपख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राजस्थान विकसित भारत के विजन को मूर्त रूप देने में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्री-बजट संवाद में मिले सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजसमंद को प्रदेश का अग्रणी जिला बनाना है और इसके विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।