चर्चित कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (23) की विवादित मौत के बाद गुरुवार को बालोतरा स्थित उनके आश्रम में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उन्हें समाधि दी गई। बुधवार शाम जोधपुर के एक निजी अस्पताल में उनके निधन के बाद पूरे क्षेत्र में शोक के साथ-साथ चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत, परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा को केवल हल्का जुकाम था। इसी दौरान उन्हें जोधपुर स्थित आश्रम में एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके कुछ ही सेकेंड बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। साध्वी के पिता वीरमनाथ ने दावा किया है कि उनकी बेटी को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। इंजेक्शन लगाए जाने और उसके तुरंत बाद बिगड़ी हालत को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आया कथित सुसाइड नोट
मौत के करीब तीन घंटे बाद सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट सामने आया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। इस नोट में साध्वी प्रेम बाईसा द्वारा पहले सामने आए एक विवाद की ओर इशारा किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक इस सुसाइड नोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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छह महीने पुराने ब्लैकमेलिंग मामले से भी जुड़ रहा नाम
साध्वी प्रेम बाईसा का नाम करीब छह महीने पहले एक कथित ब्लैकमेलिंग प्रकरण में भी सामने आया था। उस समय दर्ज कराई गई शिकायत में साध्वी ने आरोप लगाया था कि उनके पूर्व स्टाफ से जुड़े कुछ लोगों ने सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ कर उनकी छवि खराब करने की साजिश रची। आरोप था कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे 20 लाख रुपये की मांग की गई थी। पैसे देने से इनकार करने पर एडिट किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया गया था। तत्कालीन पुलिस अधिकारियों का कहना था कि आरोपियों ने बाप-बेटी के रिश्ते को गलत रूप में पेश करने की कोशिश की थी। उस दौरान साध्वी प्रेम बाईसा ने खुद को निर्दोष बताते हुए “अग्निपरीक्षा” देने की बात भी कही थी।
जांच में जुटी पुलिस, रिपोर्ट्स का इंतजार
अब साध्वी की असामयिक मौत, कथित सुसाइड नोट और पुराने विवाद को जोड़कर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।