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Ranthambore: गणेश मंदिर मार्ग पर बाघ के आने से अटकीं श्रद्धालुओं की सांसें, अब टाइगर सफारी करना भी हुआ महंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: सवाई ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 07:45 PM IST
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सार
Sawai Madhopur News: त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघ की चहल-पहल से श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ी है, जबकि वन विभाग सतर्क है। वहीं रणथंभौर में एक अप्रैल से सफारी शुल्क में 10 प्रतिशत वृद्धि लागू होने से पर्यटकों पर आर्थिक भार भी बढ़ेगा।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व के मध्य से गुजरने वाले त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर इन दिनों टाइगर आरबीटी 2511 की सक्रियता बढ़ गई है। इस कारण जहां वन विभाग के कर्मियों को लगातार ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग करनी पड़ रही है, वहीं गणेश दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बुधवार को टाइगर आरबीटी 2511 अटल सागर के पास मुख्य मार्ग के करीब आ गया, जिससे श्रद्धालुओं में कुछ समय के लिए भय का माहौल बन गया।
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वन विभाग की सतर्कता, मौके पर पहुंची टीम
टाइगर के मूवमेंट की सूचना मिलते ही वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और निगरानी शुरू की। टाइगर मुख्य सड़क से थोड़ी दूरी पर करीब 15 मिनट से अधिक समय तक बैठा रहा और बाद में आमा घाटी की ओर चला गया। वनकर्मियों की मौजूदगी के बाद श्रद्धालुओं ने राहत महसूस की। बुधवार को रणथंभौर के जोन एक से पांच में साप्ताहिक अवकाश के चलते सफारी बंद रहती है, लेकिन इसी दिन त्रिनेत्र गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रहती है।
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त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर टाइगर मूवमेंट
टेरेटरी में सामान्य गतिविधि, लेकिन जोखिम बरकरार
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह के अनुसार, त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग टाइगर 2511 सहित अन्य बाघों की टेरेटरी में आता है। टाइगर अपने स्वाभाविक व्यवहार के तहत इस क्षेत्र में विचरण करता है। हालांकि टाइगर ने अब तक किसी प्रकार की आक्रामकता या नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की है, फिर भी बार-बार मुख्य मार्ग के पास आने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है।
सुरक्षा के लिए आवाजाही पर प्रतिबंध
वन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर पैदल और दुपहिया वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। केवल आरजे 25 नंबर के चौपहिया वाहन और निर्धारित टैक्सियों को ही इस मार्ग पर चलने की अनुमति दी गई है। साथ ही गणेश धाम और जोगी महल वन चौकी पर वनकर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा जाता है।
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रणथंभौर में सफारी शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी
इसी बीच रणथंभौर टाइगर रिजर्व में भ्रमण करने वाले पर्यटकों के लिए भी खर्च बढ़ गया है। वन विभाग ने एक अप्रैल से पार्क भ्रमण शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि लागू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय वर्ष 2016 में लिए गए उस प्रावधान के तहत है, जिसके अनुसार हर साल शुल्क में बढ़ोतरी की जाती है।
बाघों का दीदार हुवा महंगा
नई दरें लागू, पर्यटकों पर बढ़ेगा आर्थिक भार
नई दरों के अनुसार, भारतीय पर्यटकों के लिए कैंटर से भ्रमण का शुल्क 888 रुपये से बढ़कर 986.63 रुपये हो गया है, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए यह 2176.10 रुपये से बढ़कर 2399.63 रुपये हो गया है। इसी प्रकार जिप्सी से भ्रमण के लिए भारतीय पर्यटकों को अब 1455.17 रुपये की जगह 1611.80 रुपये और विदेशी पर्यटकों को 2743.17 रुपये की जगह 3024.80 रुपये चुकाने होंगे।