सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व में एक बार फिर फर्जी टिकट के जरिए पर्यटकों को टाइगर सफारी कराने का मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आते ही वन प्रशासन में हड़कंप मच गया और विभागीय अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित गाइड और वाहन चालक के पार्क में प्रवेश पर आगामी आदेशों तक प्रतिबंध लगा दिया है।
जांच के दौरान कैंटर में मिले बिना टिकट पर्यटक
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह की पारी में जोन नंबर 1 में गश्ती दल द्वारा एक कैंटर की जांच की गई। जांच के दौरान कैंटर में दो पर्यटक बिना वैध टिकट के पाए गए, जो फर्जी तरीके से सफारी कर रहे थे। इस खुलासे के बाद मामला गंभीर हो गया और तत्काल उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
डीएफओ के निर्देशन में मौके पर पहुंची टीम
सूचना मिलते ही डीएफओ मानस सिंह के निर्देशन में एसीएफ महेश शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कैंटर नंबर RJ-25-TA-1862 की जांच की। जांच के दौरान गाइड सरदार सिंह से पूछताछ की गई, जिसमें सामने आया कि भीम सिंह नामक एक फॉरेस्ट गार्ड ने सिंह द्वार से इन पर्यटकों को कैंटर में बैठाया था।
एजेंट को 8000 रुपये देकर कराई गई सफारी
पूछताछ में पर्यटकों ने बताया कि उन्होंने एक एजेंट को 8000 रुपये देकर सफारी करवाई थी और इसकी रसीद भी प्रस्तुत की। इस खुलासे के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ मानस सिंह ने जांच एसीएफ निखिल शर्मा को सौंपी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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गाइड और चालक पर तत्काल प्रतिबंध
प्राथमिक कार्रवाई के तहत संबंधित गाइड और वाहन चालक के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में प्रवेश पर आगामी आदेशों तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभाग का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
रणथंभौर में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एजेंटों और गाइडों की मिलीभगत से फर्जी टिकट बनाकर पर्यटकों से रकम वसूलने के मामले सामने आ चुके हैं। खासकर पंच सितारा होटलों में ठहरे पर्यटकों को निशाना बनाए जाने की बात भी सामने आती रही है।
साख और सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
सूत्रों के अनुसार कई सफारी जोनों में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात फॉरेस्ट गार्डों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते तैनाती में बदलाव नहीं किया गया तो ऐसी अनियमितताएं जारी रह सकती हैं। रणथंभौर, जो देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में शुमार है, वहां इस तरह की घटनाएं पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण दोनों के लिए चिंता का विषय बन रही हैं।