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Satta Ka Sangram: चाय पर चर्चा में स्थानीय विकास का मुद्दा हावी, इलेक्टोरल बांड से लेकर बेरोजगारी तक की चर्चा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 30 Mar 2024 11:37 AM IST
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सार
अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' शनिवार सुबह सीकर पहुंचा। यहां कल्याण सर्कल पर चाय पर चर्चा के दौरान लोगों ने स्थानीय विकास के मुद्दों पर जोर देते हुए कहा कि दो बार राष्ट्रवाद के नाम पर वोट दिया लेकिन इस बार लोकल मुद्दे उठाएंगे।
सत्ता का संग्राम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
27 मार्च से सफर की शुरुआत करते हुए अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' अलवर, टोंक और जयपुर होते हुए आज सीकर पहुंचा। यहां कल्याण सर्कल पर चाय पर चर्चा कार्यक्रम में भाग लेते हुए कुछ मतदाताओं ने मोदी पर विश्वास जताते हुए भाजपा प्रत्याशी सुमेधानंद को वोट देने की बात की तो कुछ ने स्थानीय विकास को ध्यान में रखकर कॉमरेड अमराराम के पक्ष में चर्चा की।
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देश के विकास को देंगे तवज्जो
लक्ष्मणगढ़ के एक मतदाता रामचंद्र का कहना था कि गांवों में डोटासरा जी ने भरपूर विकास किया है लेकिन लोकसभा में तो बाबाजी को ही वोट देंगे। कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि हमारा वोट मोदीजी के लिए है। मोदी ने देश के विकास के लिए अच्छा काम किया है इसलिये हमारा वोट देश के विकास के लिए होगा।
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स्थानीय मुद्दों के आधार पर देंगे वोट
कल्याण सर्कल पर ही एक दुकानदार महेश ने कहा कि हम लोकल मुद्दों को ध्यान में रखते हुए ही वोट करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन मुझे पसंद नहीं आया। यहीं मौजूद एक अन्य मतदाता लीलाधर सैनी का कहना था कि जब शिकायतों को लेकर कोई सुनवाई ही नहीं होती और व्यवस्थाएं ठीक नहीं होतीं तो वोट डालने का क्या फायदा? इसलिये इन चुनावों में वोट नहीं डालेंगे।
एक अन्य मतदाता का कहना था कि चाहे केंद्र में बीजेपी की सरकार आ जाए लेकिन प्रदेश में भाजपा के हाथ से चुरू, नागौर और सीकर के साथ ही कुछ और सीटें भी फिसलेंगी। पेपर लीक का मुद्दे पर यहां भी जोरों से चर्चा हुई। मतदाताओं का कहना था कि सरकारें पेपर लीक नहीं करवातीं, जो अधिकारी वहां बैठे हैं उनके कारण इस तरह के मामले होते हैं। इलेक्टोरल बांड को लेकर एक मतदाता का कहना था कि भाजपा ने इसके जरिये एक नया ट्रेंड चलाया है कि तुम मुझे चंदा दो, मैं तुम्हें धंधा दूंगा।
यहां मौजूद कुछ मतदाताओं का कहना था कि राष्ट्रवाद के नाम पर दो बार भाजपा को जिताने के बावजूद यहां कोई विकास कार्य नहीं हुआ है, इसलिए इस बार स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर ही वोट देंगे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा का गृह जिला होने के कारण यहां उनका खासा दबदबा देखा गया।
चुनावों को लेकर मतदाताओं के अपने विचार और अपने मुद्दे हैं, जिनके आधार पर वे अपने मत का प्रयोग करने वाले हैं। चाय पर चर्चा के बाद आज का दूसरा सत्र एक बजे एसके कॉलेज में युवाओं के बीच होगा।
