हिमाचल: निजी कोचिंग सेंटरों पर कसा शिकंजा, अब बिना पंजीकरण संचालन गैरकानूनी, लगेगा भारी जुर्माना
प्रदेश में अब कोई भी निजी कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित नहीं हो सकेगा। पहले से चल रहे संस्थानों को तीन महीने के भीतर आवेदन करना होगा।
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हिमाचल प्रदेश में अब कोई भी निजी कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित नहीं हो सकेगा। पहले से चल रहे संस्थानों को तीन महीने के भीतर आवेदन करना होगा। सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर लगाम कसते हुए व्यापक नियमावली लागू कर दी है। बुधवार को शिक्षा विभाग की ओर से राजपत्र में जारी अधिसूचना के तहत हिमाचल प्रदेश प्राइवेट कोचिंग सेंटर (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम 2026 लागू कर दिए हैं। नियम सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुपालन में बनाए गए हैं।
कोचिंग सेंटर के लिए पंजीकरण शुल्क 50,000 रुपये तय किया है। नवीनीकरण शुल्क 25,000 रुपये होगा। पंजीकरण की वैधता तीन वर्ष तय की गई है। हर ब्रांच को अलग इकाई मानते हुए अलग पंजीकरण अनिवार्य होगा। सरकार प्रत्येक जिले में जिला समिति गठित करेगी, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त करेंगे। इसमें एसपी, सीएमओ, कॉलेज प्रिंसिपल और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करेगी, शिकायतों की जांच करेगी और पंजीकरण/नवीनीकरण का फैसला लेगी। राज्य स्तर पर एक अपीलीय प्राधिकरण भी बनाया गया है, जहां 30 दिन के भीतर अपील की जा सकेगी।
विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा पर जोर
नियमों में पहली बार विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को केंद्र में रखा गया है। 100 से अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में काउंसलिंग अनिवार्य की गई है। मानसिक स्वास्थ्य नीति लागू करना और आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करना जरूरी रहेगा। स्टाफ का साल में दो बार मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण होगा। कोचिंग सेंटरों को विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव न डालने और बैच के आधार पर भेदभाव न करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कोर्स के दौरान नहीं बढ़ा सकेंगे फीस, आधारभूत ढांचे को लेकर सख्त मानक
फीस और विज्ञापन को लेकर भी सख्ती बरती गई है। कोर्स के दौरान फीस नहीं बढ़ाई जा सकेगी। कोर्स छोड़ने पर 10 दिन में फीस का रिफंड करना होगा। भ्रामक विज्ञापन और रैंक/सफलता की गारंटी देना प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के तहत प्रति छात्र कम से कम 1 वर्ग मीटर जगह होनी चाहिए। फायर और बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य रहेगा। सीसीटीवी, शुद्ध पेयजल, अलग शौचालय, फर्स्ट एड, शिकायत पेटी और ग्रीवेंस सिस्टम होना चाहिए।
एक दिन में अधिकतम पांच घंटे ही कोचिंग, उल्लंघन पर भारी जुर्माना
सरकार ने पढ़ाई का समय भी तय कर दिया है। इसके तहत एक दिन में अधिकतम 5 घंटे ही कोचिंग होगी। साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य रहेगा। सुबह बहुत जल्दी या देर रात क्लास नहीं होगी। त्योहारों में छुट्टी देनी होगी। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। पहली गलती होने पर 50,000 रुपये, दूसरी गलती पर दो लाख रुपये तक जुर्माना होगा। बार-बार उल्लंघन होने पर पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
