सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal: High Court said that the right to promotion of Anganwadi helpers after 24 years of service is above

Himachal: हाईकोर्ट ने कहा, आंगनबाड़ी हेल्पर की 24 साल की सेवा के बाद पदोन्नति का अधिकार स्थानांतरण से ऊपर

संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 07 Mar 2026 10:31 AM IST
विज्ञापन
सार

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आंगनबाड़ी हेल्पर, कार्यकर्ताओं की पदोन्नति और स्थानांतरण को लेकर दिए गए एकल जज के फैसले को बरकरार रखा है। 

Himachal: High Court said that the right to promotion of Anganwadi helpers after 24 years of service is above
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आंगनबाड़ी हेल्पर, कार्यकर्ताओं की पदोन्नति और स्थानांतरण को लेकर दिए गए एकल जज के फैसले को बरकरार रखा है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि की पदोन्नति का वैध अधिकार महज एक स्थानांतरण आदेश के कारण नहीं छीना जा सकता। 24 वर्षों तक सेवा देने वाली आंगनबाड़ी सहायिका का पदोन्नति एक वैध अधिकार है। इसे केवल विवाह के आधार पर किए गए स्थानांतरण आदेश से नहीं छीना जा सकता। खंडपीठ ने अपीलकर्ता तारा देवी की अपील को खारिज कहा कि नियमानुसार सुजाता देवी इस पद पर पदोन्नति की हकदार थी। यह मामला आंगनबाड़ी केंद्र काशपो से जुड़ा है। यहां सुजाता देवी 24 वर्षों से आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत थीं।

Trending Videos

30 अप्रैल 2024 को वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का पद रिक्त हुआ। हालांकि इसी बीच अपीलकर्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने अपनी शादी का हवाला देते हुए काशपो केंद्र में स्थानांतरण की मांग की। विभाग ने आंगनबाड़ी सहायिका (हेल्पर) की पदोन्नति पर विचार करने के बजाय 16 जुलाई 2024 को आंगनबाड़ी वर्कर का तबादला उस खाली पद पर कर दिया। एकल न्यायाधीश ने आंगनबाड़ी हेल्पर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें 1 मई 2024 से पदोन्नति देने के निर्देश दिए थे। एकल जज के इस फैसले को अपीलकर्ता ने डबल बेंच के समक्ष चुनौती दी। उनका तर्क था कि अधिसूचना के नियम 4 के तहत शादी के आधार पर खाली पद पर समायोजन उनका अधिकार है। अदालत ने अधिसूचना के दो प्रमुख नियमों की व्याख्या की। पहला, नियम 5 के तहत यदि कोई पद रिक्त होता है, तो वहां पहले से कार्यरत सहायिका को कार्यकर्ता के रूप में पदोन्नति का पहला अवसर दिया जाना चाहिए। दूसरा नियम 4 के अनुसार शादी के आधार पर स्थानांतरण किया जा सकता है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं बल्कि केवल सिफारिशी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed