Himachal News: चिट्टा तस्करों पर अब सीधी चोट, जिलों की सीमा नहीं बनेगी बाधा, पुलिस ने लिया अहम फैसला
प्रदेश में अब चिट्टे के खिलाफ कार्रवाई केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शिमला, मंडी और धर्मशाला पुलिस रेंज के माध्यम से समन्वित और प्रभावी एक्शन किया जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करों पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार के निर्देशों पर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने अहम फैसला लिया है। प्रदेश में अब चिट्टे के खिलाफ कार्रवाई केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शिमला, मंडी और धर्मशाला पुलिस रेंज के माध्यम से समन्वित और प्रभावी एक्शन किया जाएगा। इसके लिए तीनों पुलिस रेंज को विशेष रूप से अधिकृत कर दिया है, जिससे तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की प्रशासनिक बाधा न आए।
सरकार का मानना है कि प्रदेश में चिट्टा तस्करी का नेटवर्क एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि कई जिलों और रेंज के अधीन क्षेत्रों में फैला होता है।
ऐसे में जिला सीमाओं के कारण कार्रवाई कमजोर पड़ जाती थी। अब रेंज स्तर पर अधिकार मिलने से यह समस्या खत्म होगी और तस्करों के खिलाफ सीधे और तेज कार्रवाई संभव हो सकेगी। इस व्यवस्था के तहत रेंज स्तरीय स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को अपने अधीन आने वाले सभी जिलों में कार्रवाई करने की खुली छूट दी गई है। एसटीएफ स्वतंत्र रूप से छापेमारी, गिरफ्तारी और जांच कर सकेगी। इससे न केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहतर होगा, बल्कि बड़े नेटवर्क को तोड़ने में भी मदद मिलेगी। सरकार और पुलिस मुख्यालय का मानना है कि रेंज स्तर पर समन्वय से चिट्टा तस्करी के संगठित गिरोहों पर सीधा प्रहार किया जा सकेगा। साथ ही नशे के कारोबार में शामिल सफेदपोशों और संरक्षण देने वालों तक पहुंच आसान होगी।
नशे के खिलाफ प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत चिट्टा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चिट्टे के खिलाफ कार्रवाई जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगी। शिमला, मंडी और धर्मशाला पुलिस रेंज के माध्यम से सीधी कार्रवाई की जाएगी।- अशोक तिवारी, पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश